कोलकाता, 12 मार्च 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने बड़ा संकेत दिया है। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि चुनाव दो चरणों में होने की संभावना है। नई दिल्ली कार्यालय में एक और दौर की बैठक के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
एक या दो चरणों की मांग सबसे ज्यादा
अधिकारी ने कहा कि सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर राज्य की अधिकतर राजनीतिक पार्टियों ने कोलकाता में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ हालिया बैठक के दौरान एक या दो चरणों में चुनाव कराने की मांग की थी।
उन्होंने आगे बताया कि सुरक्षा बल सहित अन्य अधिकारियों से भी इसी तरह के सुझाव मिले थे।
बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराने से चुनाव संबंधी हिंसा को रोकने में मदद मिलेगी क्योंकि उपद्रवियों को एक जगह से दूसरी जगह जाकर गड़बड़ी फैलाने का समय नहीं मिलेगा। अंतिम निर्णय लेने से पहले इस पहलू पर भी विचार किया जाएगा।
मुख्य बातें –:
- चुनाव की संभावना: दो चरणों में (अंतिम फैसला दिल्ली में)
- अधिकतर पार्टियों की मांग: एक या दो चरणों में मतदान
- TMC का रुख: अलग (कई चरणों के पक्ष में)
- सुरक्षा कारण: दो चरणों से हिंसा रोकने में मदद
- महाराष्ट्र उदाहरण: 288 सीटों का चुनाव एक चरण में सफल
- आयोग की चिंता: बंगाल में कानून-व्यवस्था और हिंसा
‘एक चरण में चुनाव कराना असंभव नहीं’
बंगाल में एक ही चरण में मतदान होगा या नहीं, इस सवाल पर अधिकारी ने कहा: “हमने 2024 में 288 सीट वाले महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव एक ही चरण में कराया था। बंगाल में एक चरण में चुनाव कराना असंभव काम नहीं है लेकिन इस बार इसकी संभावना बहुत कम है।”
कानून-व्यवस्था पर आयोग की चिंता
अधिकारी ने कहा कि चुनाव के दौरान बंगाल में कानून व्यवस्था निर्वाचन आयोग के लिए एक बड़ी चिंता का विषय रहा है। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्वाचन आयोग को चुनाव पूर्व एवं चुनाव पश्चात की अवधि के दौरान सख्त निगरानी का आश्वासन दिया है।
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