कोलकाता न्यूज़ डेस्क | 22 फरवरी 2026: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीआरपीएफ) की लगभग 480 कंपनियां 1 मार्च से तैनात की जाएंगी। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
केंद्रीय बलों की तैनाती का उद्देश्य
अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय बलों का मुख्य कार्य क्षेत्र में नियंत्रण स्थापित करना, विश्वास कायम करना और चुनाव से संबंधित अन्य कार्य करना होगा।
ये कंपनियां चुनाव प्रक्रिया के दौरान स्ट्रांग रूम और मतदान केंद्रों पर तैनात रहेंगी।

तैनाती का समय और बल
लगभग 240 कंपनियों का पहला समूह 1 मार्च को तैनात किया जाएगा। शेष 240 कंपनियां 10 मार्च तक अपनी जिम्मेदारी संभालेंगी।
इनमें सीआरपीएफ, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान शामिल होंगे।
सीआरपीएफ की संख्या सबसे अधिक
सीआरपीएफ की 230 कंपनियां तैनात होंगी। बीएसएफ की 120, सीआईएसएफ की 37, आईटीबीपी की 47 और एसएसबी की 46 कंपनियां भी शामिल होंगी।
चुनाव कार्यक्रम और मतदाता सूची
राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित होगी। चुनाव कार्यक्रम मार्च में घोषित होने की उम्मीद है।
चुनाव आयोग राज्य में तीन चरणों से अधिक चुनाव नहीं चाहता है। कानून-व्यवस्था की जरूरत के चलते बड़ी संख्या में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती प्रस्तावित है।
जमीनी मंत्रालय का पत्र
जमीनी मंत्रालय ने बंगाल के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा था।
इसमें कहा गया है कि चुनाव आयोग के 20 फरवरी 2026 के पत्र के अनुसरण में सीआरपीएफ की 480 कंपनियां तैनात की जाएंगी। राज्य सरकार से विस्तृत तैनाती योजना तैयार करने को कहा गया है।
यह तैनाती चुनाव की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।
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