Bengal: A unique house built on a tree in Ranaghat gives the message of environmental protection

बंगाल : रानाघाट में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता पेड़ पर बना अनोखा घर

नदिया। पेड़ प्रकृति की सबसे अनमोल देन हैं। इनसे जीवन है, ऑक्सीजन है और हरियाली है। इन्हीं पेड़ों की अहमियत को दर्शाता एक अनूठा उदाहरण पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के रानाघाट के माठकुमरा गांव में सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने पेड़ के ऊपर एक सुंदर ‘गाछ-घर’ (ट्री हाउस) तैयार किया है।

यह पेड़-घर न केवल ग्रामीण सृजनात्मकता का प्रतीक है बल्कि पर्यावरण के प्रति प्रेम और जागरूकता का संदेश भी देता है।

खास बात यह है कि इस घर के निर्माण के दौरान पेड़ को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। पहले पूरा घर केवल पेड़ के सहारे बना था, लेकिन बाद में इसे लोहे की बीम से सहारा दिया गया ताकि पेड़ को पूरी सुरक्षा मिल सके और उसका प्राकृतिक विकास प्रभावित न हो।

बरसात हो या सर्दी का मौसम—यह अनोखा घर प्राकृतिक सुंदरता के साथ रहने का अवसर भी देता है। कई लोग यहां ठहर कर प्रकृति के शांत वातावरण का आनंद उठाते हैं। इस गाछ-घर को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं।

चारों ओर फैले हरे-भरे पेड़ और शुद्ध वातावरण इस जगह को और भी आकर्षक बना देते हैं। यह अनोखा ट्री हाउस ग्राम बंगाल के ग्रामीण जीवन और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस गाछ-घर का दिन-ब-दिन आकर्षण बढ़ता जा रहा है। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण का जीवंत उदाहरण है बल्कि यह भी दर्शाता है कि आधुनिक सुख-सुविधाओं की चाह में भी प्रकृति के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी निभाई जा सकती है।

यह गाछ-घर आज नदिया जिले के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है और पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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