तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। झाड़ग्राम जिला अंतर्गत बेलियाबेड़ा के हरियाले प्रांगण में मंगलवार का दिन ज्ञान और संवेदना का संगम बन गया। बेलियाबेड़ा ब्लॉक के खाड़बांधी एस.सी. हाई स्कूल में जब न्याय की मशाल लिए न्यायाधीश रिहा त्रिवेदी पहुँचीं, तो लगा जैसे शिक्षा और कानून का संगम एक नई सुबह रच रहा हो।
झाड़ग्राम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल के तहत आयोजित निःशुल्क कानूनी जागरूकता शिविर ने छात्रों के मन में न्याय के दीप प्रज्वलित किए। बाल विवाह, पॉक्सो कानून और नशे के दुष्परिणाम पर न्यायाधीश की सरल किंतु सशक्त बातें बच्चों के दिल में अंकुरित हो गईं।
कार्यालय के मास्टर सुब्रत बारिक ने ज्ञानवृक्ष के पत्तों की तरह जानकारी बिखेरी और बताया कि विधिक सेवा कार्यालय किस प्रकार आमजन को निःशुल्क सहायता प्रदान करता है। वहीं बेलियाबेड़ा थाना प्रभारी नीलू मंडल ने साइबर अपराध और ट्रैफिक नियमों की बातों से जागरूकता का नया अध्याय लिखा।

ब्लॉक की अधिकार मित्र रीता दास दत्ता ने करुणा और संकल्प से भरे शब्दों में कहा कि वे छात्रों और उनके परिवारों के साथ सदैव खड़ी रहेंगी। उनकी बातें जैसे एक विश्वास का आश्वासन बनकर दिलों में बस गईं।
स्कूल के प्रभारी शिक्षक चंचल पाल ने कहा कि यह अभियान मानो जागृति की ज्योति है, जो समाज को अपराधमुक्त और स्वस्थ मार्ग की ओर अग्रसर करेगी।
करीब दो सौ छात्र-छात्राओं के साथ झाड़ग्राम जिला परिषद की सदस्या पुष्पा नायक और ग्राम पंचायत प्रधान सीता सोरेन की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया। खाड़बांधी का यह दिन इतिहास के पन्नों में न्याय और जागरूकता के दीपोत्सव के रूप में दर्ज हो गया।
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