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बंगाल में SIR सुनवाई केंद्र पर हंगामा: जीवित मतदाताओं को ‘मृत’ दिखाने के विरोध में प्रदर्शन

कोलकाता, 7 फरवरी 2026: पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान उत्तर 24 परगना जिले के बदुरिया ब्लॉक कार्यालय में शनिवार को भारी हंगामा हुआ।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जीवित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए उन्हें जानबूझकर ‘मृत’ दिखाने की साजिश रची जा रही है।

प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ की और अधिकारियों को धमकाया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी बल तैनात किया।

33 जीवित मतदाताओं को ‘मृत’ दिखाने का आरोप

पुलिस के अनुसार, बेनाग्राम के चांदीपुर ग्राम पंचायत के बूथ नंबर 45 और अटघरा ग्राम पंचायत के बूथ नंबर 80 के 33 मतदाताओं को ‘फॉर्म 7’ भरने के लिए कहा गया था।

फॉर्म 7 का उपयोग मृत मतदाताओं के नाम हटाने या डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाने के लिए किया जाता है।

प्रभावित मतदाताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें मृत घोषित करके जानबूझकर नाम हटाने की कोशिश की जा रही है।

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प्रदर्शनकारियों ने बदुरिया ब्लॉक कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और कहा कि यह भाजपा की साजिश है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से ‘षड्यंत्र’ में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

शुभेंदु अधिकारी का TMC पर आरोप

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस समर्थकों पर ‘उपद्रव’ करने का आरोप लगाया।

उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि TMC के तत्वों ने बदुरिया खंड कार्यालय में हंगामा किया, तोड़फोड़ की और अधिकारियों को धमकाया।

अधिकारी ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था खत्म हो चुकी है और सरकार ने पुलिसकर्मियों को जानबूझकर सुनवाई केंद्रों से हटा दिया ताकि TMC कार्यकर्ताओं की अवैध गतिविधियां आसान हो सकें।

TMC का जवाब: आम लोग असंतुष्ट हैं

TMC ने शुभेंदु अधिकारी के आरोपों का खंडन किया। पार्टी ने दावा किया कि प्रदर्शन आम लोगों की असंतुष्टि का नतीजा है और इसमें TMC कार्यकर्ताओं का कोई हाथ नहीं है।

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TMC सूत्रों ने कहा कि SIR प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियां हैं और जीवित लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे जनता में आक्रोश है।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

बदुरिया के बीडीओ पार्थ हाजरा ने बताया कि कई मतदाताओं ने शिकायतें दर्ज कराई हैं और मामले की जांच की जा रही है।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।

पुलिस ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है और आगे कोई अप्रिय घटना नहीं होने दी जाएगी।

सुनवाई का अंतिम दिन

शनिवार को SIR सुनवाई का अंतिम दिन था। यदि इसे बढ़ाया नहीं गया तो प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि गड़बड़ी वाले मामलों की जांच हो और जीवित मतदाताओं के नाम न हटाए जाएं।

यह घटना 2026 विधानसभा चुनाव से पहले SIR प्रक्रिया पर चल रहे विवाद को और गहरा कर रही है।

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TMC इसे जनता की असंतुष्टि बता रही है, जबकि भाजपा इसे TMC की साजिश करार दे रही है। जांच से क्या खुलासे होंगे, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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