कोलकाता, 27 सितंबर 2025: महालया के साथ जैसे ही माँ दुर्गा के आगमन की आहट सुनाई देती है, एक अनकहा आमंत्रण भी हमारे भीतर जागता है — खुद में देवी के रूप को महसूस करने का, अपने हर पहनावे, हर भाव, हर चयन में उस शक्ति, उस करुणा और उस गरिमा को जीने का।
इसी भाव को आत्मसात करती है डॉ. रुपाली बसु की इस वर्ष की पूजा साज — जो केवल परिधान नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा, नारीत्व और ‘शक्ति’ की एक मौन, लेकिन प्रभावशाली अभिव्यक्ति है।
उन्होंने जिस चमकदार ऑरेंज कांजीवरम साड़ी को चुना है, वह उत्सव के रंग और ऊर्जा की पूर्ण प्रतीक बन जाती है। दोनों किनारों
पर सुनहरे और रुपहले ज़री की महीन कढ़ाई इसे एक पारंपरिक आभा देती है।
यह गेरुआ नहीं, बल्कि वह जीवंत नारंगी है जो भक्ति, आत्मविश्वास और अंदरूनी तेज का प्रतीक मानी जाती है — वही तेज जो माँ दुर्गा के स्वरूप में झलकता है। उनकी साड़ी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि भारतीय कला और सांस्कृतिक गर्व का एक जीवंत कैनवास है।
पारंपरिक केश-विन्यास में सजे ताज़े फूल बंगाली रीति-रिवाज़ों को फिर से जीवंत कर देते हैं, और मीनाकारी से बने सोने के आभूषण, जो शिउली फूल की आकृति में ढले हैं, शारदीय पूजो की आत्मा को स्पर्श करते हैं। हर विवरण एक सोच-समझ कर किया गया चयन है — सौंदर्य के साथ-साथ परंपरा और अर्थ से भी समृद्ध।
कोलकाता की सांस्कृतिक पटल पर डॉ. रुपाली बसु की पहचान केवल उनके पेशेवर कार्यों तक सीमित नहीं रही।
उन्होंने हमेशा अपने जीवन और चयन के माध्यम से भारतीय हैंडलूम, विरासत और स्त्रीत्व को आगे बढ़ाया है। उनका मानना है कि परंपरा कोई बीती चीज़ नहीं, बल्कि वह जीवित धरोहर है जिसे पहना, जिया और अगली पीढ़ियों को सौंपा जाना चाहिए।
उनकी पूजा साज उन पीढ़ियों की स्त्रियों को समर्पित प्रतीत होती है, जिनके लिए साड़ी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि आत्मबल, सुंदरता और निरंतरता की प्रतीक रही है। वे स्वयं अपनी कथा की ‘नारी नायिका’ हैं — जैसी हर वह स्त्री होती है जो आत्म-सम्मान, गरिमा और भीतर की शक्ति के साथ जीवन को जीती है।
और जब हर ओर बदलते ट्रेंड्स की होड़ है, तब डॉ. बसु की पूजा साज एक शांत, लेकिन स्पष्ट संदेश देती है — कि दुर्गा पूजा की सच्ची सुंदरता किसी नवीनता में नहीं, बल्कि अपनी जड़ों, मूल्यों और पहचान को पूरी सहजता और गरिमा के साथ ओढ़ने में है।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।

