कोलकाता हिन्दी न्यूज | 28 जुलाई 2026: बारुईपुर में नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न और हत्या की घटना के बाद हुई हिंसा के मामले में जेल में बंद CPM नेता लाहेक अली को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल जेल में रहने के दौरान उन्हें किसी दूसरे मामले में गिरफ्तार या श्योर अरेस्ट नहीं किया जा सकेगा।
न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की अदालत ने सोमवार को यह निर्देश दिया। अदालत के इस आदेश से बारुईपुर मामले में कथित उकसावे वाले बयान को लेकर गिरफ्तार किए गए युवा CPM नेता को तत्काल राहत मिली है।
बारुईपुर मामले में दर्ज हुई थीं चार FIR
बारुईपुर की घटना के बाद पुलिस ने कुल चार FIR दर्ज की थीं। इनमें से एक मामले में लाहेक अली को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस की ओर से उनके खिलाफ कथित तौर पर उकसावे वाले बयान, हिंसा, अवरोध और तोड़फोड़ समेत कई आरोप लगाए गए हैं। इसी के चलते आशंका जताई जा रही थी कि बाकी मामलों में भी पुलिस उन्हें जेल से ही श्योर अरेस्ट कर सकती है।
इसी आशंका के आधार पर लाहेक अली ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था।
सोमवार तक गिरफ्तारी पर लगी थी रोक
लाहेक अली की याचिका पर पिछली सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने शुक्रवार को अंतरिम निर्देश जारी करते हुए सोमवार तक उन्हें अन्य मामलों में गिरफ्तार नहीं करने को कहा था।
सोमवार को मामले की दोबारा सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने राहत को आगे बढ़ाते हुए निर्देश दिया कि जेल में रहने के दौरान लाहेक अली को किसी अन्य मामले में श्योर अरेस्ट नहीं किया जा सकता।
इस आदेश के बाद फिलहाल उन्हें बारुईपुर पुलिस द्वारा दर्ज बाकी मामलों में जेल से ही गिरफ्तार किए जाने की आशंका खत्म हो गई है।
लाहेक अली अभी जेल में ही रहेंगे
हालांकि हाई कोर्ट के इस आदेश का मतलब यह नहीं है कि लाहेक अली को जेल से रिहा कर दिया गया है।
अवरोध, तोड़फोड़ और हिंसा फैलाने के आरोपों से जुड़े मामले में वह अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस ने उन्हें 24 जुलाई को बारुईपुर महकमा अदालत में पेश किया था।
अदालत ने उनकी हिरासत की अवधि बढ़ाते हुए उन्हें 14 दिनों की जेल हिरासत में भेजने का आदेश दिया था।
इसलिए हाई कोर्ट का सोमवार का आदेश मुख्य रूप से दूसरे मामलों में संभावित गिरफ्तारी या श्योर अरेस्ट से सुरक्षा से संबंधित है।
कौन हैं लाहेक अली?
लाहेक अली CPM के युवा नेता हैं और हाल में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने बारुईपुर पश्चिम विधानसभा सीट से वाम मोर्चा के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था।
बारुईपुर की घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और हिंसा की स्थिति बनी थी। इसी दौरान कथित तौर पर उकसाने वाले बयान देने के आरोप में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
हालांकि इन आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायालय में होना बाकी है।
हाई कोर्ट के आदेश से क्या बदला?
अदालत के सोमवार के आदेश का सीधा असर यह है कि:
- लाहेक अली को फिलहाल दूसरे मामलों में श्योर अरेस्ट नहीं किया जा सकेगा।
- वह वर्तमान मामले में जेल हिरासत में बने रहेंगे, जब तक संबंधित अदालत से कोई अन्य आदेश नहीं आता।
- उनके खिलाफ दर्ज अन्य FIR में पुलिस की कार्रवाई पर हाई कोर्ट के इस आदेश का असर रहेगा।
- मौजूदा मामले में उनकी हिरासत या जमानत से जुड़ी प्रक्रिया अलग से जारी रह सकती है।
CPM नेता के लिए फिलहाल राहत
बारुईपुर मामले में एक के बाद एक कई FIR दर्ज होने के कारण लाहेक अली को अन्य मामलों में भी गिरफ्तार किए जाने की आशंका थी। ऐसे में हाई कोर्ट का यह आदेश उनके लिए फिलहाल महत्वपूर्ण कानूनी राहत माना जा रहा है।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित अदालतों की आगे की सुनवाई और जांच के परिणाम पर निर्भर करेगी।
निष्कर्ष
बारुईपुर की संवेदनशील घटना के बाद हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई के बीच CPM नेता लाहेक अली को कलकत्ता हाई कोर्ट से मिली यह राहत महत्वपूर्ण है। अदालत ने फिलहाल यह सुनिश्चित किया है कि जेल में रहते हुए उन्हें किसी अन्य मामले में श्योर अरेस्ट न किया जाए। हालांकि वह मौजूदा मामले में न्यायिक हिरासत में बने रहेंगे।
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