IMG 20260317 WA0026

बरेली : 384वीं मासिक गोष्ठी संपन्न हुई

बरेली। गीतकार कमलकांत ‘बहुत हुआ दर्दे दिल अब बार-बार नहीं’, ‘नत्थूलाल तुम्हारे घर का फुका कारतूस मौके में बम बन गया आठवां पास सरकारी नौकरी में लग गया’ दीपक मुखर्जी का उत्कृष्ट व्यंग रहा।

मुख्य अतिथि मशहूर शायर विनय सागर जायसवाल ने दिल की बातें कुछ इस प्रकार बताई’ ‘दिल की चादर जरा बड़ी कर ली, घर की बगिया हरी भरी कर ली’।

सरल कुमार सक्सेना, अमित मनोज, पीके दीवाना, किशन वेधड़क, बृजेंद्र अकिंचन, राजकुमार अग्रवाल, मनोज दीक्षित, टिंकू गजल राज, रितेश कुमार साहनी, रामकुमार कोली, डीपी निराला, मनोज सक्सेना, रामकुमार भारद्वाज अफरोज, विवेक विद्रोही, डी.पी. निराला,

रितेश साहनी, रामकुमार कोली, डॉ. राजेश शर्मा ककरेली आदि की रचनाएं उत्कृष्ट एवं सराहनीय रही। सभी कवियों को सम्मानित करते हुए संयोजक दीवान जी ने आने के लिए धन्यवाद दिया।

ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च करफॉलो करें।

यह भी पढ़ें:  लखनऊ : मैट्रिमोनियल साइट पर महिला के साथ ठगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *