खड़गपुर। विकास के मुद्दे पर नगरोन्नयन विभाग द्वारा कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) जारी किए जाने के बाद खड़गपुर नगरपालिका को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बोर्ड बैठक में मौजूद सभी पार्षदों ने एक भाजपा पार्षद को छोड़कर जवाबी पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। अब सभी की नजर विभाग के अगले फैसले पर टिकी है।
जवाबी पत्र में ‘एकजुट’ दिख रहे तृणमूल पार्षदों के बीच मतभेद वास्तव में खत्म होंगे या नहीं, इस पर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। इसी माहौल में ‘दिखावटी’ शो-कॉज के बजाय तृणमूल शासित नगरपालिका के खिलाफ वास्तविक जांच की मांग को लेकर खड़गपुर शहर में बैनर लगाए गए।
खड़गपुर नगरपालिका की ओर से डाक द्वारा शो-कॉज का जवाब भेजा गया। इससे पहले ई-मेल से भी जवाब दिया जा चुका था। उसी दिन ‘आमरा वामपंथी’ संगठन की ओर से नगरपालिका कार्यालय के सामने, तालबागीचा, मलिंचा, बोगदा, इंदा सहित विभिन्न इलाकों में बैनर लगाए गए।

बैनरों में काले पानी, जर्जर सड़कें, औद्योगिक प्रदूषण, कचरे के ढेर और भाई-भतीजावाद के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की गई है। संगठन के संयोजक अनिल दास ने कहा, “हम नहीं चाहते कि कोई लोकतांत्रिक ढांचा टूटे। लेकिन शहर के हित में इस बोर्ड को भंग कर प्रशासक नियुक्त किया जाए।”
जवाबी पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले कई पार्षदों का कहना है कि प्रशासक बैठने पर पार्षदों की भूमिका सीमित हो जाएगी। हालांकि, जवाबी पत्र पर हस्ताक्षर न करने वाले भाजपा पार्षद अभिषेक अग्रवाल का आरोप है, “तृणमूल पार्षदों ने अपने पद बचाने के लिए हस्ताक्षर किए हैं।”
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