कोलकाता हिन्दी न्यूज | 03 अगस्त 2026: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले का चालीबाड़ीडिही (Chalibaridihi) गांव आज भी लोगों के बीच ‘भूतों का गांव’ (Haunted Village) के नाम से जाना जाता है। गांव को लेकर तरह-तरह की कहानियां प्रचलित हैं।
स्थानीय लोगों का दावा है कि यहां कभी बड़ी आबादी रहती थी, लेकिन एक भीषण महामारी के बाद गांव लगभग उजड़ गया। इसके बाद से गांव को लेकर अलौकिक घटनाओं और अजीब आवाज़ों की चर्चाएं शुरू हो गईं।
आज स्थिति यह है कि पूरे गांव में सिर्फ एक परिवार रहता है, जबकि बाकी सभी परिवार वर्षों पहले गांव छोड़ चुके हैं।
कभी आबाद था पूरा गांव
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई दशक पहले चालीबाड़ीडिही एक सामान्य गांव था। लेकिन महामारी ने गांव को बुरी तरह प्रभावित किया और बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद गांव लगभग खाली हो गया। इसके बाद गांव को लेकर भूत-प्रेत और रहस्यमयी घटनाओं की कहानियां फैलने लगीं।
1982 में लौटे लक्ष्मण बाउड़ी
साल 1982 में लक्ष्मण बाउड़ी ने हिम्मत दिखाते हुए इस वीरान गांव में दोबारा घर बसाया। धीरे-धीरे उनके साहस से प्रेरित होकर करीब 15 परिवार गांव में लौट आए।
लेकिन लगभग 10 साल पहले हुई एक दर्दनाक घटना ने फिर से गांव को चर्चा में ला दिया। आरोप लगा कि एक महिला ने अपने ही मासूम बच्चे की हत्या कर दी। इस घटना के बाद गांव में डर और अंधविश्वास फिर से बढ़ गया।
फिर खाली हो गया गांव
हत्याकांड के बाद एक-एक कर सभी परिवार गांव छोड़कर चले गए। आज पूरे गांव में केवल लक्ष्मण बाउड़ी, उनकी पत्नी रीना बाउड़ी और उनके तीन बच्चे ही रहते हैं।
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी भूत देखा है, तो उन्होंने कहा: “चारों तरफ कोई नहीं है। शाम होते ही पूरा इलाका सुनसान हो जाता है। तरह-तरह की आवाज़ें सुनाई देती हैं, लेकिन अब इसकी आदत हो गई है। पुश्तैनी जमीन छोड़कर जाने का मन नहीं करता।”
विज्ञान मंच ने बताया अंधविश्वास
दूसरी ओर विज्ञान मंच के बांकुड़ा जिला सचिव जयदेव चंद का कहना है कि गांव में भूत-प्रेत जैसी कोई बात नहीं है।
उनके अनुसार, “लोग इसे भूतों का गांव जरूर कहते हैं, लेकिन यह वर्षों से चला आ रहा अंधविश्वास है। समाज में वैज्ञानिक सोच और तार्किक दृष्टिकोण विकसित करने की जरूरत है।”
रहस्य आज भी बरकरार
क्या सचमुच इस गांव में कोई अलौकिक शक्ति है? या यह केवल डर और अंधविश्वास का असर है? इसका कोई प्रमाण आज तक सामने नहीं आया है।
हालांकि एक बात तय है कि चालीबाड़ीडिही का नाम आज भी पश्चिम बंगाल के सबसे रहस्यमयी गांवों में लिया जाता है और अधिकांश लोग आज भी इस गांव के आसपास जाने से कतराते हैं।
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