ढाका | 6 जनवरी 2026: बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय, के खिलाफ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा घटनाक्रम में महज 24 घंटे के भीतर दो हिंदुओं की अलग-अलग जगहों पर हत्या कर दी गई, जिससे देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पहली घटना: नरसिंदी जिले में सरत चक्रवर्ती मणि की हत्या
- स्थान: ढाका के पास नरसिंदी जिले का पलाश उपजिला, चारसिंदूर बाजार
- पीड़ित: 40 वर्षीय सरत चक्रवर्ती मणि, स्थानीय किराने की दुकान के मालिक
- घटना: सोमवार रात अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियारों से अचानक हमला किया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
- आरोप: स्थानीय लोगों और चश्मदीदों के हवाले से बांग्लादेशी साप्ताहिक पत्रिका ब्लिट्ज ने बताया कि इस हमले के पीछे एक कट्टरपंथी धार्मिक समूह का हाथ हो सकता है।
दूसरी घटना: जशोर जिले में राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या
- स्थान: जशोर जिले का मोनिरामपुर उपजिला, कपालिया बाजार
- पीड़ित: 38 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी, बर्फ बनाने की फैक्ट्री के मालिक और नारायल से प्रकाशित अखबार ‘दैनिक बीडी खबर’ के कार्यकारी संपादक
- घटना: सोमवार शाम करीब 5:45 बजे तीन हमलावर मोटरसाइकिल पर आए। उन्होंने राणा को फैक्ट्री से बाहर बुलाया, पास की गली में ले गए और बेहद नजदीक से उनके सिर में गोली मार दी। आरोपी मौके से फरार हो गए।
- पुलिस की प्रतिक्रिया: मोनिरामपुर थाने के प्रभारी अधिकारी (ओसी) मोहम्मद रजिउल्लाह खान ने घटना की पुष्टि की। शव को बरामद कर जशोर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। जांच जारी है, लेकिन वजह अभी स्पष्ट नहीं।
मोनिरामपुर थाने के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद रजिउल्लाह खान ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जशोर अस्पताल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा, “हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। आरोपियों की पहचान की जा रही है और कानूनी कार्रवाई जारी है।”
पहले भी हो चुकी हैं कई हत्याएं
इन दो घटनाओं से पहले भी बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ कई घातक हमले सामने आ चुके हैं।

- शनिवार को शरियतपुर जिले के दमूद्या उपजिला में खोकन चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
- पिछले सप्ताह मयमनसिंह जिले के भालुका उपजिला में 40 वर्षीय बजेंद्र बिस्वास को गोली मार दी गई थी।
- 24 दिसंबर को 29 वर्षीय अमृत मंडल की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या की खबर आई थी।
- वहीं 18 दिसंबर को 25 वर्षीय दीपु चंद्र दास को कथित तौर पर झूठे ईशनिंदा आरोप में भीड़ ने मार डाला और बाद में शव को पेड़ से लटकाकर आग लगा दी गई।
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
लगातार हो रही इन घटनाओं ने बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देने के ठोस कदम अब बेहद जरूरी हो गए हैं।
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