कोलकाता, 9 फरवरी 2026: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद जारी ड्राफ्ट सूची में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, इस सूची में बांग्लादेश की एक महिला (मंजू रानी साहा) का नाम शामिल था। माइक्रो-ऑब्जर्वर की समीक्षा में यह नाम सामने आया।
माइक्रो-ऑब्जर्वर की समीक्षा में हुआ खुलासा
सूत्रों के मुताबिक, ड्राफ्ट सूची की समीक्षा के दौरान माइक्रो-ऑब्जर्वर ने यह चौंकाने वाला मामला उजागर किया। जांच में सामने आया कि मंजू रानी साहा नामक महिला का नाम बंगाल की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में दर्ज था, जबकि वह बांग्लादेश की नागरिक बताई जा रही है।
भारत और बांग्लादेश—दोनों जगह वोट देने का आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित महिला ने बांग्लादेश में भी मतदान किया है। सूत्रों के अनुसार, महिला के पास—

- भारतीय वोटर आईडी कार्ड
- आधार कार्ड
दोनों मौजूद थे, जिसके आधार पर उसका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल हो गया। हालांकि, सूची जारी होने के बाद की गई गहन समीक्षा में उसका नाम बांग्लादेशी वोटर लिस्ट में भी पाया गया।
उत्तर 24 परगना के बारासात की बताई गई वोटर
चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, महिला भारत में उत्तर 24 परगना जिले के बारासात विधानसभा क्षेत्र की मतदाता के रूप में दर्ज थी। भारतीय आधार कार्ड के अनुसार उसका पता— 📍 ऋषि बंकिम सरनी, हृदयपुर, बारासात दर्ज है।
वहीं, बांग्लादेशी वोटर लिस्ट में उसका पता— 📍 नारायणगंज सदर, नारायणगंज जिला दिखाया गया है। जांच में यह भी पता चला है कि उसने नारायणगंज गर्ल्स स्कूल में बने मतदान केंद्र पर वोट डाला था।
कैसे शामिल हुआ भारतीय वोटर लिस्ट में नाम?
अब चुनाव आयोग यह जांच कर रहा है कि आखिर बांग्लादेशी नागरिक का नाम भारतीय ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कैसे शामिल हुआ। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो महिला का नाम इस महीने के अंत में जारी होने वाली फाइनल मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।
SIR सुनवाई का आखिरी दिन, अवधि बढ़ाने की मांग
चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार, शनिवार SIR सुनवाई का अंतिम दिन था। हालांकि, इस अवधि को बढ़ाने का अनुरोध किया गया है, लेकिन चुनाव आयोग ने अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, यह मामला सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में SIR से संबंधित मामलों की सुनवाई के दौरान भी उठ सकता है।
राज्य सरकार ने दिए 8,505 अधिकारी
इधर, पश्चिम बंगाल सरकार ने रविवार को चुनाव आयोग को जानकारी दी कि वह SIR प्रक्रिया के शेष कार्यों के लिए 8,505 ग्रुप-B अधिकारियों की सेवाएं उपलब्ध करा सकती है। इस संबंध में चुनाव आयोग को एक आधिकारिक पत्र भी भेजा गया है।
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