Sanitation workers protest in Balurghat, claiming they did not receive their salaries even on Makar Sankranti.

बालुरघाट में सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन, मकर संक्रांति पर भी नहीं मिली सैलरी

बालुरघाट (दक्षिण दिनाजपुर) | 14 जनवरी 2026: मकर संक्रांति जैसे बड़े त्योहार के दिन भी बालुरघाट नगर पालिका के सफाई कर्मचारी खाली हाथ रह गए। नगर पालिका की कथित लापरवाही के कारण सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिला, जिससे नाराज़ कर्मचारियों ने काम बंद कर नगर पालिका कार्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि हर महीने सैलरी मिलने में देरी अब आम बात हो गई है, लेकिन इस बार हालात और भी गंभीर हैं।

हाल ही में नगर पालिका के चेयरमैन के इस्तीफे के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिसका सीधा असर सफाई कर्मचारियों की रोज़ी-रोटी पर पड़ा है।

कर्मचारियों का दर्द

प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों ने बताया:

  • हर महीने सैलरी में 10-15 दिन की देरी आम बात है।
  • चेयरमैन के हालिया इस्तीफे के बाद स्थिति और बिगड़ गई – जनवरी की सैलरी अब तक नहीं आई।
  • त्योहार के दिन भी घर में चूल्हा नहीं जल सका। “चावल का एक बोरा उठाना तो दूर, आज बच्चों को क्या खिलाएंगे?” – एक कर्मचारी ने आंसू पोछते हुए कहा।
  • कई परिवारों में राशन खत्म हो चुका है, और मजदूरों के पास उधार मांगने के सिवा कोई रास्ता नहीं बचा।

नगर पालिका की लापरवाही

कर्मचारियों का आरोप है कि चेयरमैन के इस्तीफे के बाद प्रशासनिक खामियां और बढ़ गई हैं। फंड जारी होने में देरी, कागजी कार्रवाई में लापरवाही और जवाबदेही की कमी से मजदूरों की जिंदगी दांव पर लग गई है। कई कर्मचारी कहते हैं – “हम रोज सड़कें साफ करते हैं, लेकिन हमारी जिंदगी गंदी हो गई है।”

🧹 “त्योहार पर परिवार को खाना तक नहीं खिला पा रहे”

आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि मकर संक्रांति जैसे पर्व पर भी उनके घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। एक कर्मचारी ने भावुक होकर कहा— “हम रोज़ शहर साफ रखते हैं, लेकिन आज अपने बच्चों को एक वक्त का खाना तक नहीं दे पा रहे। चावल का एक बोरा उठाने की हालत नहीं है।”

कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन न मिलने से उन्हें कर्ज़ लेकर गुज़ारा करना पड़ रहा है, जबकि त्योहार के दिन हालात और भी दर्दनाक हो गए हैं।

🏛️ चेयरमैन के इस्तीफे के बाद बिगड़ी व्यवस्था

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, नगर पालिका के चेयरमैन के हालिया इस्तीफे के बाद प्रशासनिक फैसले ठप पड़ गए हैं। सैलरी फाइलें अटकी हुई हैं और कर्मचारियों को कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा। सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि

👉 जब तक बकाया वेतन का भुगतान नहीं होता,
👉 तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे

🚨 शहर की सफाई व्यवस्था पर असर

सफाई कर्मचारियों के काम बंद करने से बालुरघाट शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो इसका असर स्वास्थ्य और स्वच्छता पर भी पड़ेगा।

❗ प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

खबर लिखे जाने तक नगर पालिका प्रशासन की ओर से वेतन भुगतान को लेकर या कर्मचारियों की मांगों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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