कोलकाता। क्रिकेट की दुनिया में प्रसिद्ध और बंगाल क्रिकेट के कोच बलराम सिंह को बेजुबान जानवरों, विशेषकर कुत्तों के मसीहा के रूप में देखा जा रहा है। पिछले बीस वर्षों से उन्होंने बेसहारा और बेघर कुत्तों के लिए अपना जीवन समर्पित कर रखा है।
जहाँ इंसान इंसानियत को भूल चुका है और जरूरतमंदों की जरूरतें पूरी करने में असमर्थ है, वहीं बलराम सिंह बेसहारा, बीमार और मजबूर कुत्तों की न केवल देखभाल कर रहे हैं, बल्कि उनकी रोजमर्रा की जरूरतों – जैसे भोजन, पानी, दवाइयों और इलाज के साथ-साथ उनके रहने की व्यवस्था भी करते हैं।
अमान राकिम की बलराम सिंह से विशेष मुलाकात में उन्होंने प्रतिनिधि को बताया कि जिस तरह हर इंसान और हर जानवर ईश्वर की रचना है, उसी तरह कुत्ते भी ईश्वर की ही रचना हैं। ईश्वर ने इन जानवरों में भी आत्मा डाली है और उन्हें कुछ ऐसी विशेष खूबियाँ दी हैं जो उन्हें अन्य जानवरों से अलग बनाती हैं।
कुत्ते जैसी वफादारी की मिसाल बहुत कम जानवरों में देखने को मिलती है। इसके बावजूद आम इंसान उन्हें हीनदृष्टि से देखता है। बलराम सिंह ने बताया कि पिछले बीस वर्षों से वह सैकड़ों कुत्तों की देखभाल और परवरिश कर रहे हैं। उनके खाने-पीने के अलावा दवाइयों और रहने की व्यवस्था भी वे अच्छी तरह करते हैं।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में बताया कि वफादार जानवरों की सेवा करने की प्रेरणा उन्हें स्वर्गीय चंद्रावती से मिली, जो वर्षों तक बंगाल विमेन्स विंग क्रिकेट क्लब की कोच रही थीं। उन्हें भी कुत्तों से बहुत प्यार था। एक दुर्घटना में उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद बलराम सिंह ने कुत्तों की देखभाल को अपनी जिन्दगी का उद्देश्य बना लिया।
जब प्रतिनिधि ने बलराम सिंह से पूछा कि इतने सारे कुत्तों का इंतजाम वे कहाँ से और कैसे करते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि शहर के प्रसिद्ध अरसलान रेस्टोरेंट की ओर से सभी कुत्तों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है। रोजाना अरसलान रेस्टोरेंट की ओर से उन्हें भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने कहा कि वैसे तो वे वर्षों से व्यक्तिगत रूप से यह काम करते आ रहे हैं, लेकिन जरूरत इस बात की है कि शहर के और भी लोग, संस्थाएँ और एनजीओ बेजुबान जानवरों की जान बचाने में उनकी मदद करें।

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