कोलकाता हिन्दी न्यूज | 24 जुलाई 2026: पीठ दर्द की शिकायत महिलाओं में आम है। ज्यादातर लोग इसे थकान, गलत तरीके से बैठने या माँसपेशियों के खिंचाव का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन, यदि यह दर्द लंबे समय तक बना रहे और इसके साथ ब्रेस्ट में भी कोई बदलाव दिखे, तो बिना देर किए डॉक्टर से जाँच कराना सबसे जरूरी है।
आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता की सीनियर कंसल्टेंट (ब्रेस्ट सर्जरी) डॉ. ताप्ती सेन ने बताया कि सिर्फ पीठ दर्द होना आमतौर पर ब्रेस्ट कैंसर का शुरुआती लक्षण नहीं होता।
लेकिन, यदि आराम और दवा के बाद भी दर्द ठीक न हो, या इसके साथ ब्रेस्ट में गाँठ, निप्पल से स्राव, त्वचा में गड्ढे पड़ना या बगल में सूजन जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
कब हो जाएं सतर्क
उन्होंने बताया कि सामान्य पीठ दर्द कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन दो-तीन हफ्ते से ज्यादा रहने वाला दर्द, रात में बढ़ने वाला दर्द, बिना वजह वजन घटना, ज्यादा थकान, पैरों में कमजोरी या सुन्नपन जैसे लक्षण तुरंत जाँच का संकेत देते हैं।
डॉ. सेन ने कहा: “सबसे बड़ी गलती यही होती है कि महिलाएँ ऐसे संकेतों को नजरअंदाज कर देती हैं। ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ बिना दर्द वाली गाँठ के रूप में ही नहीं दिखता। यदि कोई भी असामान्य बदलाव लगातार बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।”
कम उम्र में भी खतरा
उन्होंने यह भी बताया कि ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ ज्यादा उम्र की महिलाओं तक सीमित नहीं है। आजकल कम उम्र की महिलाओं में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं।
इसलिए नियमित स्क्रीनिंग, समय पर जाँच और अपने शरीर में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना ही इस बीमारी से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।
निष्कर्ष: पीठ दर्द और ब्रेस्ट में कोई भी असामान्य बदलाव को कभी नजरअंदाज न करें। समय पर जाँच और डॉक्टर की सलाह से ब्रेस्ट कैंसर को शुरुआती चरण में ही पकड़ा जा सकता है। स्वस्थ रहने के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है।
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