कोलकाता। पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद विवाद एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर धर्म का इस्तेमाल कर वोटरों को भावनात्मक रूप से भड़काने का आरोप लगाया है।
उनकी यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब बीजेपी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी निलंबित TMC विधायक हुमायूं कबीर को “मुस्लिम ध्रुवीकरण” करने की अनुमति दे रही हैं।
कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण का प्रतीकात्मक शिलान्यास किया, जिसके बाद राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है।

सिन्हा का BJP पर हमला: “धर्म की राजनीति से मतदाताओं को उकसाना पुराना तरीका”
शत्रुघ्न सिन्हा ने साफ कहा कि भाजपा के पास ऐसा मुद्दा हमेशा होता है जिसे वे किसी भी समय सामने लाकर लोगों की भावनाओं को प्रभावित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा— “मैं सर्वधर्म समभाव में विश्वास करता हूं। आसनसोल भाईचारे का शहर है। यहां हर प्रदेश और हर समुदाय के लोग एक साथ रहते हैं। भाजपा के पास हमेशा एक अच्छा मुद्दा मौजूद रहता है, जैसे धर्म की बात करके लोगों को उकसाना।”
सिन्हा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने के लिए भाजपा लगातार आक्रामक रणनीति अपनाती है, लेकिन जनता का भरोसा अभी भी TMC नेतृत्व के साथ कायम है।
ममता बनर्जी की लोकप्रियता पर बड़ा बयान
शत्रुघ्न सिन्हा ने ममता बनर्जी को “बहुत लोकप्रिय और शक्तिशाली नेता’’ बताया। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ममता बनर्जी के नेतृत्व पर भरोसा करती है और बीजेपी की तमाम कोशिशों के बावजूद ममता की लोकप्रियता कम नहीं हुई है।
“बंगाल में सभी धर्मों के लिए समान शासन”
उत्तर 24 परगना से TMC विधायक निर्मल घोष ने कहा कि ममता बनर्जी की राजनीति समावेशी है और वह हर धर्म एवं समुदाय के लिए समान दृष्टिकोण रखती हैं। वे बोले—
“मुख्यमंत्री सभी धर्मों के लोगों के लिए एक जैसा काम करती हैं। लोगों का विश्वास उनके साथ है और 2026 के चुनाव में यह और स्पष्ट दिखेगा।”
TMC का कहना है कि हुमायूं कबीर का कदम पार्टी की आधिकारिक लाइन नहीं है, इसलिए उन्हें पहले ही निलंबित कर दिया गया था।
हुमायूं कबीर का विवादित शिलान्यास और राजनीतिक असर
- मुर्शिदाबाद में “बाबरी मस्जिद पुनर्निर्माण” के प्रतीकात्मक शिलान्यास ने बहस छेड़ दी।
- BJP ने इसे “मुस्लिम ध्रुवीकरण की कोशिश’’ बताया।
- TMC ने कहा— यह पार्टी का निर्णय नहीं, बल्कि कबीर की व्यक्तिगत कार्रवाई थी।
- हाईकोर्ट पहले ही इस मामले में हस्तक्षेप से इनकार कर चुकी है।
राजनीतिक विश्लेषण: 2026 विधानसभा चुनाव पर प्रभाव?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि—
- बाबरी मस्जिद जैसे मुद्दे बंगाल में मतदान की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
- BJP इस मुद्दे को हिंदुत्व की राजनीति से जोड़कर भुना सकती है।
- वहीं TMC “धर्मनिरपेक्षता और विकास” के नैरेटिव के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
- शत्रुघ्न सिन्हा और निर्मल घोष जैसे नेताओं के बयान बता रहे हैं कि TMC इस विवाद का राजनीतिक जवाब मजबूती से दे रही है।
निष्कर्ष
बंगाल में बाबरी मस्जिद विवाद ने 2026 विधानसभा चुनाव से पहले नई राजनीतिक जंग छेड़ दी है। शत्रुघ्न सिन्हा द्वारा बीजेपी पर “धर्म की राजनीति” का आरोप और ममता बनर्जी की “लोकप्रियता” की पुष्टि से साफ है कि दोनों दल इस मुद्दे को लेकर एक-दूसरे पर प्रहार करने से पीछे नहीं हटेंगे। आने वाले दिनों में यह विवाद बंगाल की राजनीति की दिशा तय करने में भूमिका निभा सकता है।
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