कोलकाता । शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार की लड़ाई कोर्ट में लड़कर नौकरी हासिल करने वाली बबीता सरकार की भी नौकरी पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। उनके सर्टिफिकेट में धांधली की बात उजागर होने के बाद गुरुवार को इस संबंध में कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति अभिजीत गांगुली ने इस संबंध में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि अंकिता से वापस मिले रुपये जो आपको दिए गए हैं उसे एक जगह स्थिर रखिएगा। दरअसल पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री परेश चंद्र अधिकारी की बेटी अंकिता अधिकारी की गैरकानूनी नौकरी को रद्द कर उनकी जगह बबीता सरकार को नियुक्त किया गया था।

हाल ही में बबीता का एकेडमिक सर्टिफिकेट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें उन्हें जो नंबर मिले थे वह एसएससी को दिए गए नंबर के मुकाबले कम थे। ऐसे में उनका अकैडमिक स्कोर कम है और कायदे से उन्हें भी नौकरी पर बने रहने का अधिकार नहीं है। अनामिका राय नाम की एक अन्य परीक्षार्थी ने भी कोर्ट में याचिका लगाकर बबीता की नौकरी उन्हें देने की मांग की है और दावा किया है कि उनका नंबर बबीता से अधिक है।

इसी मामले में गुरुवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने दस्तावेजों की जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि अभी फैसला नहीं सुनाया है लेकिन महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए न्यायाधीश ने कहा कि अंकिता से जो रुपये आपको मिले हैं बबीता जी उसे स्थिर रखिएगा। दरअसल अंकिता अधिकारी 27 महीने तक शिक्षक के तौर पर नौकरी की थी। इसके एवज में उन्हें जो भी सैलरी मिली थी उसे उन्होंने कोर्ट में जमा कराया है जो बबीता को दी गई है। अब कोर्ट ने उस रुपये को भी स्थिर रखने को कहा है जिसके महत्वपूर्ण मायने निकाले जा रहे हैं।

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