गुवाहाटी। भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में मानसून के पहले हुई भारी बारिश से कई ज़िलों में आम जनजीवन बुरी तरह ठप्प हो गया है। राज्य में पिछले तीन दिनों से भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अभी दो दिन और बारिश होने का अनुमान जताते हुए असम और मेघालय के ​लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बाढ़ से पैदा हुए हालात को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बि​स्व सरमा से फोन पर बातचीत की है। उन्होंने इस आपदा से निपटने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया है।

बता दें कि राज्य की सबसे प्रमुख नदी ब्रह्मपुत्र के किनारे बसे क़रीब 1,500 गांवों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। इससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य के जल संसाधन मंत्री पीयूष हज़ारिका ने बताया कि बाढ़ के चलते 5 लाख से अधिक लोग अपना घर छोड़ने को मज़बूर हुए हैं। उन्होंने बाढ़ से पैदा हुए मौजूदा हालात को चिंताजनक बताया है। वहीं राज्य के आपदा प्रबंधन के अधिकारियों ने बताया है कि बाढ़ से कम से कम 4 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 8 लोग मारे गए हैं. अधिकारियों ने हालात के और ख़राब होने की आशंका जताई है।

राज्य के होजाई ज़िले में भारतीय सेना ने बाढ़ में फंसे क़रीब 2,000 लोगों को निकाला है। सबसे ख़राब हालात दीमा हसाओ ज़िले के हैं। पानी के जमाव से सड़कों के साथ साथ रेलवे स्टेशनों को भी काफ़ी नुक़सान पहुंचा है. इससे ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। ट्रैक पर पानी जमा होने से कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जिससे कई यात्री विभिन्न जगहों पर फंस गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सड़क और रेल सेवा ठप्प होने से दूरदराज के इलाक़ों में राहत सामग्री बांटने के काम में दिक़्क़तें आ रही हैं। नवगांव और कछार ज़िले में भी बाढ़ की समस्या गंभीर बनी हुई है। प्रभावित इलाक़ों में राहत और बचाव का काम अभी जारी है।

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