कोलकाता, 06 सितंबर, 2025: एशियन पेंट्स शरद समान, “चोलते चोलते 40″ नाम की ऐतिहासिक परियोजना के साथ कोलकाता की प्रतिष्ठित दुर्गा पूजा उत्सव में 2025 में 40 साल पूरे करेगा, यह परियोजना कोलकाता की पीली टैक्सियों को एक गतिशील यानी मूविंग टाइम कैप्सूल में बदल देती है। रॉयल ग्लिट्ज से सजे बाहरी हिस्से और वॉलपेपर, फैब्रिक से सजे अंदरूनी हिस्सों में हर टैक्सी अपने दशक का एक मुख्य द्वार बन जाती है।
ये तमाम टैक्सियां मिलकर एशियन पेंट्स शरद सम्मान की चार दशकों की सांस्कृतिक यात्रा को कोलकाता की गलियों तक ले जाती हैं और इसके आदर्श वाक्य की पुष्टि करती हैं: ঐতিহ্যের পূজো, উদ্দীপনার উৎসব (परंपरा का उत्सव, उत्साह का त्योहार)
कोलकाता को समर्पित इस अद्वितीय सम्मान का अनावरण एशियन पेंट्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिंघल तथा पश्चिम बंगाल की जानी-मानी हस्तियां अबीर चटर्जी और सौरसेनी मैत्रा की उपस्थिति में किया गया।

एशियन पेंट्स शरद समान की स्थापना 1985 में एक समाचार पत्र में विज्ञापन के साथ हुई थी, जिसने इस बात को नए सिरे से परिभाषित किया था कि यह शहर अपने त्योहार को किस तरह देखता है। उद्घाटन समारोह में तीन समितियों को सर्वश्रेष्ठ पूजा पुरस्कार से सम्मानित किया गया और पिछले कुछ वर्षों में एशियन पेंट्स शरद सम्मान ने महोत्सव के और विकास के लिए अपनी श्रेणियों का भी विस्तार किया :
सर्वश्रेष्ठ पूजा (श्रेष्ठो पूजो), वर्ष की खोज (बोचोरर बिस्मॉय) और सर्वश्रेष्ठ कारीगर (श्रेष्ठो प्रोतिमा शिल्पी)। ऐसा करके, एशियन पेंट्स के शरद समान ने चार दशक का रिकॉर्ड बनाया है जो पूजो के रूपांतरण को दर्शाता है।
इन चार दशकों को दर्शाने के लिए, एशियन पेंट्स ने कोलकाता के एक अन्य प्रतीक को अपनाया – पीली टैक्सी – एक ऐसा वाहन जो शहर की पूजा यात्राओं से हमेशा जुड़ा रहा, फिर भी अब धीरे-धीरे यह सड़कों से गायब हो रहा है। दशकों तक, ये टैक्सियां पूरे परिवारों को ऊंचे-नीचे रास्तों से पंडालों तक पहुंचाती थीं, कुमारटुली से घास-फूस और मिट्टी के साथ कारीगरों को ले जाती थीं और भीड़-भाड़ वाली गलियों से एशियन पेंट्स शरद सम्मान के जजों को ले जाती थीं।
कला के रूप में उनकी फिर से कल्पना करना एक तरह से उन्हें सम्मान देना और पुनर्रचना दोनों थी : इनमें से उन चालीस टैक्सियों का रूपांतरण किया गया, जो पुरस्कारों के एक दशक का प्रतिनिधित्व करती हैं। टैक्सियों के अंदर, पंडाल का अनुभव फिर से रचा गया है और टैक्सियों के बाहर, पीला रंग दिखाई देता है, प्रत्येक दशक की आकृति भी सजी है और “पूजो का मुकुट” से ये सुसज्जित हैं।
टैक्सियों के बाहरी हिस्से पर रॉयल ग्लिट्ज पेंट से भित्ति चित्र बनाए गए और अंदरूनी हिस्से को एशियन पेंट्स के वॉलपेपर और कपड़ों से डिजाइन करके नया जैसा बनाया गया। वॉलपेपर एशियन पेंट्स के तरह-तरह के कलेक्शंस से लिए गए थे, जिनमें सब्यसाची की पेरिस-कलकत्ता सीरीज, सब्यसाची की हार्टलैंड सीरीज और अन्य शामिल हैं। कपड़े एशियन पेंट्स की विस्तृत टेक्सटाइल रेंज से लिए गए थे।
इन कलेक्शंस के साथ रॉयल ग्लिट्ज फिनिश को भी शामिल किया गया, ताकि यह सुनिश्चित हो कि हर टैक्सी की सजावट अपने दशक से जुड़ा हुआ और वास्तविक लगे।
बाहर से, हर टैक्सी चार कलाकारों की कला के जरिए पूजा के एक दशक की कहानी बयां करती है। बिक्रमजीत पॉल की कलाकृति 1985-1995 के दशक को दर्शाती है जब पूजा अभिजात वर्ग से सर्बोजोनिन यानी समुदाय में बदल गई। इसमें उस दौर के प्रतिष्ठित रेडियो सेट और सांस्कृतिक बारीकियां भी शामिल हैं।
मीनाक्षी सेनगुप्ता ने 1995-2005 को एक रंगमंच की तरह चित्रित किया है, जिसमें चंदननगर की जगमगाती रोशनियां, मेहराब, नियॉन देवता और हावड़ा ब्रिज पार करके पंडालों में जाते परिवार शामिल हैं। सायन मुखर्जी ने 2005-2015 को कैद किया है, वह समय जब पूजा पंडाल एक विषयगत अनुभव बन जाते हैं। उनकी टैक्सी में देवी को पृथ्वी पकड़े हुए दिखाया गया है, जिसे रॉयल ग्लिट्ज से रंगा गया है।
2015-2025 के लिए, सृष्टि गुप्तारॉय ने आज की पूजा को कैद किया है, जिसमें डिजिटल, पूरे विश्व में लाइव प्रदर्शन, संगीत कार्यक्रमों और फोन स्क्रीन के जरिए देवी का अनुभव करने वाले लोगों के दर्शाया है। इसमें बाघ, उल्लू, चाय के ग्लास और अल्पोना जैसे बंगाल के प्रतीकों को भी दिखाया गया है।
हर टैक्सी में पीला रंग रखा गया है, जिसे उस दशक के डिजाइनों से सजाया गया है और ऊपर “पूजा का मुकुट” लगा है, जिससे हर टैक्सी एक तरह से कोलकाता की रचनात्मकता का चलता-फिरता उत्सव बन जाती है।
इस अवसर पर बोलते हुए, एशियन पेंट्स लिमिटेड के एमडी और सीईओ अमित सिंघल ने कहा, “जब 1985 में एशियन पेंट्स शरद समान की शुरुआत हुई, तो इसका उद्देश्य पूजा की कल्पना को सम्मान देना था।
चालीस साल बाद, यह कोलकाता की रचनात्मक भावना का जीवंत इतिहास बन गया है” एशियन पेंट्स में हमारे लिए कोलकाता हमेशा एक शहर से कहीं बढ़कर रहा है; यह एक प्रेरणास्रोत रहा है, जिसने रंगों और घरों से जुड़ी हमारी समझ को आकार दिया कि रंग सिर्फ रंग नहीं बल्कि एक संस्कृति हैं और घरों का मतलब है अर्थपूर्ण संसार।
इस महत्वपूर्ण वर्ष पर, पीली टैक्सी सबसे उपयुक्त सम्मान लगी। पूजा का एक ऐसा साथी जिसने पूरे शहर में परिवारों, कलाकारों और कहानियों को पहुंचाया है। यह हमारा “कोलकाता को शाही सम्मान” है।
हम कोलकाता के प्रति अत्यंत आभारी हैं कि इसने हमें चार दशकों तक अपनी रचनात्मकता के साथ चलने का अवसर दिया। यह परियोजना खुशियों के शहर को खुशियां देने के बारे में है- एशियन पेंट्स शरद समान के चालीस वर्षों को उनकी गलियों में लौटाना जहां यह बसता है और एशियन पेंट्स के उस विश्वास की पुष्टि करना जो हमेशा से रहा है: रचनात्मकता केवल गलियारों या घरों में ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन की गतिविधियों में भी जीवित रहनी चाहिए।”
टैक्सी परियोजना का विचार पहली बार 2023 में सामने आया, जब एशियन पेंट्स ने कोलकाता के ट्रामवे के 150 साल पूरे होने का जश्न टॉलीगंज-बालीगंज मार्ग पर एक बोगी को चलती कलाकृति में बदलकर मनाया था। बाहरी हिस्से में रॉयल ग्लिट्ज़ की चमक को मिलाकर शरद समान और पूजो के निर्माताओं की कहानी को दर्शाया गया, जबकि इसके अंदरूनी हिस्से में बेंत की कारीगरी, अल्पोना, कथा-वाचन के साथ एक मनोरंजक यात्रा का निर्माण किया गया।
एआर या मिक्स्ड रियलिटी (संवर्धित वास्तविकता) ने इस अनुभव को पटरियों से भी कहीं और अधिक आगे बढ़ाया है, ट्राम को शहर और स्क्रीन, दोनों जगह जीवंत कर दिया है। एशियन पेंट्स का शरद समान इन टैक्सियों के साथ इसी भावना को आगे बढ़ा रहे हैं- रेल से सड़कों की ओर, ऐतिहासिक ट्राम से लेकर हमेशा मौजूद रहने वाली कैब की ओर।
दोनों प्रतीक कोलकाता के परिदृश्य से लुप्त हो रहे हैं और उनके माध्यम से एशियन पेंट्स एक बड़ी परियोजना पर काम कर रहा है: इन रोजमर्रा के प्रतीकों को शहर की रचनात्मकता का हिस्सा बनाए रखने के लिए इन्हें जीवंत संग्रहों में बदलना, यह सुनिश्चित करना कि वे हमारी यादों और कल्पनाओं में हमेशा बने रहें और उन्हें आगे बढ़ाते रहें।
1985 में एक अखबार के विज्ञापन से लेकर 2025 में सड़कों पर टैक्सियों तक, एशियन पेंट्स शरद समान अपने उद्देश्य पर अडिग रहा है: पूजा में रचनात्मकता का जश्न मनाना और उस शहर के साथ चलना जो इसे संभव बनाता है। चोलते चोलते चोलिश – चालीस साल और हर कदम पर कोलकाता की रचनात्मकता की एक कहानी जो हमारी अपनी बन गई है।
“एक्सएक्सएल में हमारे लिए, एशियन पेंट्स की ट्राम और अब पीली टैक्सी परियोजनाएं, शरद समान की मूल भावना का विस्तार करने, पूजा में रचनात्मक उत्कृष्टता का उत्सव मनाने और उसे नए रूपों में शहर को लौटाने के बारे में रही हैं।
लेकिन संग्रह से परे, यह कृतज्ञता का एक कार्य भी है। हम एशियन पेंट्स को उनके विश्वास और संरक्षण के लिए, चार कलाकारों को उनके विशिष्ट दृष्टिकोण के लिए और फैब्रिकेटर और बढ़ई से लेकर पेंटर और इंस्टॉलर तक हर उस व्यक्ति को धन्यवाद देते हैं जिन्होंने इसे संभव बनाया।
सबसे बढ़कर, यह परियोजना कोलकाता के उन पीली टैक्सी चालकों को भी सम्मान देती है, जिन्होंने पूजा की रातों में पीढ़ियों तक लोगों को ढोया है। इन टैक्सियों को सांस्कृतिक वाहक के रूप में दूसरा जीवन देने में, हम उनकी मेहनत, उनकी स्मृति और शहर की कहानी में उनके स्थान का भी सम्मान करते हैं।” – रुत्वा त्रिवेदी, डिजाइन निदेशक, एक्सएक्सएल कलेक्टिव।
चार दशकों से एशियन पेंट्स शरद सम्मान ने पंडालों की रचनात्मकता का सम्मान करके, उन्हें जीवंत बनाने वाले कारीगरों, मूर्तिकारों और समितियों के अथक प्रयासों को मान्यता प्रदान करके कोलकाता में दुर्गा पूजा की सच्ची भावना का जश्न मनाया है।
एशियन पेंट्स लिमिटेड के बारे में: 1942 में अपनी स्थापना के बाद से, एशियन पेंट्स भारत की अग्रणी और एशिया की दूसरी सबसे बड़ी पेंट कंपनी बन गई है, जिसका कुल कारोबार ₹33,797 करोड़ (₹338 बिलियन) है।
यह रंग और डिजाइन की सीमाओं को पार करते हुए, ग्राहकों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं और स्थानों को बेहतर बनाने का काम भी जारी रखे हुए है। यह संगठन 14 देशों में कार्यरत है और दुनिया भर में इसकी 26 पेंट निर्माण इकाइयां हैं, जो 60 से अधिक देशों में उपभोक्ताओं को सेवा प्रदान करती हैं।
एशियन पेंट्स हमेशा से ही पेंट इंडस्ट्री में लीडर रहा है और भारत में कलर आइडियाज़, ब्यूटीफुल होम्स पेंटिंग सर्विस, कलर नेक्स्ट और एशियन पेंट्स ब्यूटीफुल होम्स स्टोर्स जैसी नई संकल्पना पेश करता रहा है। एशियन पेंट्स सजावट और इंडस्ट्रियल उपयोग के लिए पेंट और कोटिंग्स की एक विस्तृत श्रृंखला का निर्माण करता है और विशेष पेंटिंग और इंटीरियर डेकॉर सॉल्यूशंस भी प्रदान करता है।
इसके डेकोरेटिव बिजनेस पोर्टफोलियो में वॉटरप्रूफिंग के लिए स्मार्टकेयर रेंज, वुड फिनिशिंग के लिए वुडटेक उत्पाद और सभी तरह की सतहों के लिए एडहेसिव रेंज भी शामिल है।
एशियन पेंट्स होम डेकॉर प्रोडक्ट्स की एक विस्तृत रेंज भी प्रदान करता है और भारत में सम्पूर्ण डेकॉर क्षेत्र में अग्रणी कंपनियों में से एक है। यह मॉड्यूलर किचन और वॉर्डरोब, बाथ फिटिंग और सैनिटरी वेयर, डेकोरेटिव लाइटिंग, यूपीवीसी विंडोज़ और दरवाजे, वॉल कवरिंग, फ़र्नीचर, फर्निशिंग, गलीचे आदि प्रदान करता है।
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