“आषाढ़ अमावस्या के दिन अपनी राशि के अनुसार करें दान”
वाराणसी। हर मास में एक बार आने वाली अमावस्या तिथि के स्वामी पितृदेव माने गए हैं। पंडित श्री मनोज कृष्ण शास्त्री जी ने बताया कि आषाढ़ अमावस्या का दिन पितरों के पिंडदान, तर्पण और दान-पुण्य हेतु अत्यंत शुभ होता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, जप-तप एवं दान करने से रोग, शोक, पाप और दरिद्रता से मुक्ति मिलती है।
इस वर्ष आषाढ़ कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि 24 जून मंगलवार सायं 7:00 बजे से प्रारंभ होकर 25 जून बुधवार सायं 4:02 बजे तक रहेगी। चूंकि सूर्योदय व्यापिनी तिथि 25 जून को है, अतः आषाढ़ अमावस्या इसी दिन मानी जाएगी।
जो श्रद्धालु पवित्र नदियों तक न पहुंच सकें वे घर पर गंगाजल मिश्रित जल से स्नान करें और यथा शक्ति गरीबों को अन्न, वस्त्र, तिल, घी, या अन्य सामग्री का दान अवश्य करें। मछलियों को आटे की गोलियां खिलाना भी इस दिन बड़ा फलदायी बताया गया है।
अमावस्या पर करें ये उपाय : पितृ शांति हेतु उपवास रखने से पितरों के साथ-साथ देवगण भी प्रसन्न होते हैं।
तिल, दूध व तिल-मिठाई का दान दरिद्रता दूर करता है।
पीपल वृक्ष पर जल, काले तिल, चावल आदि अर्पित करें और ‘ॐ पितृभ्य: नम:’ मंत्र का जाप करें।
सूर्य को ताम्र पात्र में लाल चंदन व गंगाजल मिलाकर अर्घ्य दें।
नीलकंठ स्तोत्र, सर्पसूक्त, श्रीनारायण कवच का पाठ करें और ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
संतान प्राप्ति के इच्छुक व्रत रखें, विशेष रूप से यदि कुंडली में राहु अशुभ स्थिति में हो तो।
ईशान कोण में गाय के घी का दीपक जलाएं, लाल धागे की बाती का प्रयोग करें।
चांदी का पीपल पत्ता बनवाकर दान करें।
मां लक्ष्मी को खीर-मेवा का भोग लगाएं, श्री विष्णु मंदिर में झंडा चढ़ाएं।
अमावस्या के दिन ध्यान रखने योग्य बातें : तामसिक भोजन, नशा, बाल-दाढ़ी काटना, चमड़े की वस्तु पहनना, काले वस्त्र धारण करना वर्जित है।
ब्रह्मचर्य का पालन करें और किसी का दिल न दुखाएं।
मानसिक रूप से भावुक व्यक्ति विशेष सावधानी रखें क्योंकि अमावस्या पर चंद्रमा का प्रभाव न्यून होता है।
राशि के अनुसार करें यह दान :
मेष : गुड़, मूंगफली, तिल, तांबा, दही।
वृषभ : सफेद कपड़े, चांदी, तिल।
मिथुन : मूंग दाल, चावल, पीला वस्त्र, गुड़, कंबल।
कर्क : चांदी, चावल, सफेद ऊन, तिल, सफेद वस्त्र।
सिंह : तांबा, गुड़, गेहूं, गौघृत, सोना, मोती।
कन्या : चावल, हरा मूंग, हरे कपड़े।
तुला : हीरा, चीनी, कंबल, सात अनाज, गुड़।
वृश्चिक : मूंगा, लाल कपड़ा, दही, तिल।
धनु : वस्त्र, चावल, तिल, पीला वस्त्र, गुड़।
मकर : गुड़, चावल, कंबल, तिल।
कुंभ : काला कपड़ा, काली उड़द, खिचड़ी, कंबल, तिल, घी।
मीन : रेशमी कपड़ा, चना दाल, चावल, तिल।
ज्योतिर्विद रत्न वास्तु दैवज्ञ
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री
मो. 99938 74848
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