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अभिषेक बनर्जी की वजह से ही मुझे जेल में रहना पड़ा: अनुब्रत मंडल

कोलकाता हिन्दी न्यूज | 15 जुलाई 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी सियासी खींचतान के बीच वरिष्ठ नेता अनुब्रत मंडल ने पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला है।

बुधवार को गोलपार्क में ऋतब्रत गुट की बैठक में पहली बार शामिल होने से पहले अनुब्रत ने दावा किया कि उन्हें करीब ढाई साल तक जेल में रहना पड़ा और इसके लिए केवल अभिषेक बनर्जी जिम्मेदार हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में तृणमूल कांग्रेस का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है और पार्टी में कोई नहीं बचेगा।

“मुझे जेल भेजने के पीछे अभिषेक बनर्जी का हाथ”

गौ-तस्करी मामले में लंबे समय तक जेल में रहने वाले अनुब्रत मंडल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें करीब ढाई वर्ष जेल में बिताने पड़े, यहां तक कि उन्हें तिहाड़ जेल भी जाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी स्थिति के लिए अभिषेक बनर्जी जिम्मेदार हैं।

हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज़ या ठोस साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया।

कोयला कारोबार को लेकर भी बड़ा दावा

अनुब्रत मंडल ने दावा किया कि पहले बीरभूम जिले से सरकार को लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये का राजस्व मिलता था, जबकि बाद में कोयला कारोबार के लिए प्रतिदिन 40 लाख रुपये तक देने पड़ते थे।

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Anubrata Mandal

इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से इस पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ऋतब्रत गुट ने सौंपी बीरभूम जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी

11 जुलाई को ऋतब्रत गुट ने आधिकारिक तौर पर अनुब्रत मंडल को बीरभूम जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। बुधवार को उन्होंने पहली बार इस गुट की बैठक में भाग लिया।

एक समय बीरभूम में तृणमूल संगठन का पूरा दायित्व अनुब्रत मंडल के हाथों में था। उनके नेतृत्व में पार्टी ने लंबे समय तक जिले में अपना मजबूत जनाधार बनाए रखा और लोकसभा चुनावों में भी दोनों सीटें अपने पास रखने में सफलता हासिल की।

जेल से लौटने के बाद बदला संगठन का समीकरण

गौ-तस्करी मामले में जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद भी अनुब्रत मंडल कुछ समय तक जिला अध्यक्ष बने रहे। लेकिन बाद में संगठन के भीतर गुटबाजी बढ़ने पर तत्कालीन नेतृत्व ने कोर कमेटी बनाकर जिम्मेदारियां साझा कर दीं।

बताया जाता है कि इसी निर्णय के बाद अनुब्रत मंडल संगठन में अपनी भूमिका को लेकर असंतुष्ट थे। अब उनका ऋतब्रत गुट के साथ खुलकर आना राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहा है।

“तृणमूल का भविष्य खतरे में”

अनुब्रत मंडल ने दावा किया कि यदि वर्तमान परिस्थितियां बनी रहीं तो आने वाले समय में तृणमूल कांग्रेस कमजोर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए संगठनात्मक बदलाव की आवश्यकता है।

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हालांकि, तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक नेतृत्व की ओर से अनुब्रत मंडल के इन बयानों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।’

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