तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। “टीबी मुक्त समाज” के निर्माण की दिशा में “केयर ऑफ खेज़ुरी” नामक स्वैच्छिक संस्था ने एक अनुकरणीय कदम उठाया है। नन्दीग्राम स्वास्थ्य जिले के सहयोग से खेज़ुरी‑1 और खेज़ुरी‑2 प्रखंड के कुल दस क्षय रोगियों को पौष्टिक शाकाहारी भोजन सहायता उपलब्ध कराई गई।
संस्था के सदस्यों का कहना है कि यह सहयोग आने वाले कई महीनों तक नियमित रूप से जारी रहेगा, ताकि रोगी शीघ्र स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट सकें। कार्यक्रम में नन्दीग्राम स्वास्थ्य जिले के जिला क्षय रोग अधिकारी, दोनों प्रखंडों के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी तथा संस्था के सदस्य उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सभी ने रोगियों के प्रति संवेदना और सहयोग की भावना प्रकट की। संस्था के अध्यक्ष शुभ्रजीत पंडा ने कहा, “टीबी से जूझ रहे लोगों के लिए पोषक आहार उपलब्ध कराना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है।

यदि समाज के अन्य वर्ग भी इस दिशा में आगे आएँ, तो भारत को टीबी‑मुक्त बनाना कठिन नहीं होगा।” जिला क्षय रोग अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा, सामाजिक संस्थाओं की ऐसे सहयोगात्मक पहल रोगियों की देखभाल और उपचार में अमूल्य योगदान देती हैं।
नियमित पोषण सहायता से न केवल स्वास्थ्य में सुधार होता है, बल्कि मानसिक बल भी बढ़ता है। खेज़ुरी संस्था की यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
जनस्वास्थ्य के इस कार्यक्रम की स्थानीय जनता ने हृदय से सराहना की। लोगों का कहना है कि ऐसे मानवीय प्रयास समाज को नई दिशा देते हैं और “टीबी मुक्त भारत” के संकल्प को साकार करने में सहायक सिद्ध होते हैं।
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