आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के टॉल निजी कम्पनी को बेचने के फैसले से नाराज अखिलेश

फोटो, साभार : गूगल

लखनऊ : आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के टॉल निजी कम्पनी को बेचने के भाजपा सरकार के फैसले का विरोध जताते हुये समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार का यह कदम प्रदेश के हितों तथा जनता के साथ विश्वासघात है। यादव ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि यह एक्सप्रेस-वे समाजवादी सरकार के समय बना था जिस पर वायुसेना का जहाज तक उतर चुके हैं।

इस शानदार एक्सप्रेस-वे पर बने आवश्यक जन सुविधाओं शौचालय, होटल रैस्टोरेंट को भी भाजपा सरकार बेच चुकी है। टॉल वसूली का जिम्मा निजी एजेन्सी को 15 से 20 साल तक के लिए दिये जाने की योजना है। उन्होने कहा कि एक्सप्रेस-वे एक सरकारी परियोजना के अंतर्गत बनी है। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण में जनता का धन लगा है। समाजवादी सरकार ने इसके लिए बाकायदा बजट का प्राविधान किया था।

राज्य की सम्पत्ति को इस तरह निजी हाथों में सौंपा जाना अनुचित, अव्यवहारिक और निन्दनीय है। भाजपा सरकार राज्य की सम्पत्ति को बेचने का काम कर रही है। इस तरह तो भाजपा का बस चलेगा तो वह पूरे उत्तर प्रदेश को भी बेच सकती है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार का इरादा इसी तरह खेती को भी बड़ी प्राईवेट कम्पनियों के हवाले करने का है। किसानों के खेतों को पूंजीघरानों के पास बंधक रखने और अन्नदाता को भिखारी बनाने का यह कुचक्र तेजी से चल रहा है। इससे किसान अपनी खेती की जमीन का मालिक बनने के बजाय उसका खेतिहर मजदूर बन जाएगा।

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