वाराणसी। वर्ष 2026 में अजा एकादशी का व्रत सोमवार, 7 सितंबर 2026 को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। अजा एकादशी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और कथा सुनने से मनुष्य के सारे पाप नष्ट होते हैं तथा अंत में उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है।
महत्वपूर्ण तिथियां और समय :-
व्रत की तारीख : 7 सितंबर 2026 (सोमवार)
एकादशी तिथि प्रारंभ : 6 सितंबर 2026 को दोपहर 02:59 बजे
एकादशी तिथि समाप्त : 7 सितंबर 2026 को दोपहर 03:02 बजे
पारण (व्रत खोलने का) समय : 8 सितंबर 2026 को सुबह 06:24 बजे से सुबह 09:02 बजे के बीच व्रत के
महत्व और कथा :-
पाप नाश : इस व्रत को करने से जाने-अनजाने में हुए पाप खत्म हो जाते हैं।
फल : इसकी कथा सुनने मात्र से अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता है।
पौराणिक प्रसंग :- कथा के अनुसार, सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र ने इसी व्रत के प्रभाव से अपना खोया हुआ राज्य और मृत पुत्र को पुनः प्राप्त किया था।
नियम व पूजन :-
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। भगवान विष्णु को पीले फूल, फल और तुलसी दल चढ़ाएं। दिनभर फलाहार या जलाहार व्रत रखें। अगले दिन शुभ मुहूर्त में अन्न ग्रहण करके व्रत खोलें।
ज्योतिर्विद रत्न वास्तु दैवज्ञ
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री
मो. 99938 74848
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