कोलकाता हिन्दी न्यूज | 06 सितम्बर 2026: पश्चिम बंगाल में RSS द्वारा संचालित 1,000 स्कूल स्थापित करने की योजना को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की इस योजना का मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने जोरदार समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को राष्ट्रवाद और देशभक्ति की शिक्षा देना आज के समय में जरूरी है, लेकिन इसके साथ बच्चों की बात सुनना और उनकी समस्याओं को समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों में देश के प्रति जिम्मेदारी और प्रेम की भावना भी विकसित होनी चाहिए।
‘बच्चों को राष्ट्रवाद की शिक्षा देना जरूरी’
अग्निमित्रा पॉल ने राष्ट्रवादी स्कूलों की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों के भीतर भारत के प्रति प्रेम और देशभक्ति की भावना मजबूत करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को राष्ट्रवाद की शिक्षा देने के साथ-साथ उनके विचारों को सुनना भी जरूरी है। उनके मुताबिक, युवा पीढ़ी की समस्याओं और चिंताओं को समझे बिना केवल शिक्षा देना पर्याप्त नहीं होगा।
युवा प्रदर्शनों का भी किया जिक्र
मंत्री ने हाल के युवा प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि NEET जैसे शिक्षा संबंधी मुद्दों को उठाना लोकतांत्रिक तरीके से किया जा सकता है, लेकिन उनकी बात के मुताबिक ऐसे प्रदर्शनों में राष्ट्रविरोधी नारे या ‘कश्मीर की आजादी’ तथा अनुच्छेद 370 की बहाली जैसी मांगों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान देश की एकता और अखंडता को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
‘वंदे मातरम् कहने में संकोच क्यों?’
अग्निमित्रा पॉल ने देशभक्ति की भावना पर जोर देते हुए सवाल उठाया कि किसी व्यक्ति को ‘वंदे मातरम्’ कहने में संकोच क्यों होना चाहिए?
उन्होंने कहा कि बच्चों में देश के प्रति सम्मान और जुड़ाव की भावना विकसित करना जरूरी है। उनके अनुसार, राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने में शिक्षा संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
‘धर्म से पहले भारतीय होना जरूरी’
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान चाहे हिंदू, मुस्लिम, सिख, पारसी, जैन या बौद्ध हो, लेकिन इन पहचानों से पहले उसकी पहचान भारतीय के रूप में होनी चाहिए।
उनके मुताबिक, इसी सोच को नई पीढ़ी में विकसित करने के उद्देश्य से राष्ट्रवादी स्कूलों की स्थापना महत्वपूर्ण हो सकती है।
RSS स्कूल योजना को लेकर बढ़ सकती है राजनीतिक बहस
पश्चिम बंगाल में RSS द्वारा 1,000 स्कूल स्थापित करने की प्रस्तावित योजना को लेकर आने वाले समय में राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
जहां अग्निमित्रा पॉल ने इसे बच्चों में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है, वहीं इस तरह की शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग मत सामने आ सकते हैं।
फिलहाल, अग्निमित्रा पॉल का बयान इस योजना के समर्थन में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आया है।
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