तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। 75 साल बाद किशोर कवि सुकांत भट्टाचार्य की जयंती पर उनकी कविता को गाने के रूप में लोगों के बीच फिर से प्रस्तुत किया गया। उनकी लिखी हुई तीन-चार कविताएं पहले ही गानों के रूप में प्रसारित हो चुकी थीं, जिनमें सलिल चौधरी द्वारा संगीतबद्ध “रनर”, “अवाक पृथ्वी” और “ठिकाना” शामिल हैं। इन गानों को 1948 से 1950 के बीच हेमंत मुखोपाध्याय की आवाज में रिलीज किया गया था।
वहीं, 75 साल बाद प्रसिद्ध संगीतकार विश्वेश्वर सरकार द्वारा संगीतबद्ध सुकांत भट्टाचार्य की कविता “उद्योग” को गाने के रूप में रिकॉर्ड किया गया। इस गाने को मेदिनीपुर और पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध गायक आशीष सरकार ने गया है। कविता में युक्ताक्षरों का अद्भुत उपयोग किया गया है, जो संगीत निर्माण में एक बड़ी चुनौती होती है।
गाना रिकॉर्ड होने के बाद से ही माइक पर बजना शुरू हो गया है और सोशल मीडिया पर हजारों व्यूज आ रहे हैं। गाने के संगीत निर्देशन में किंशुक रॉय और ग्रंथन में तापस सिन्हा शामिल हैं। गाना संग्रह करने योग्य है और गायक को उम्मीद है कि पूजा के मौसम में यह और भी लोकप्रिय होगा।

विश्वेश्वर सरकार ने इस गाने का संगीत 1977 में सुकांत भट्टाचार्य के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के लिए दिया था। भारतीय गणनाट्य मेदिनीपुर शाखा ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया था। लगभग 48 साल बाद इस गाने को रिकॉर्ड किया गया है।
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