खड़गपुर। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद जिले के विभिन्न हिस्सों में सामने आई हिंसा और तनाव की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। स्थिति को नियंत्रित करने और आम लोगों का भरोसा बहाल करने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और केंद्रीय बलों ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
संयुक्त प्रेस वार्ता में जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आकांक्षा भास्कर, पुलिस अधीक्षक मानव सिंगला और जिला फोर्स को-ऑर्डिनेटर सह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (पश्चिम बंगाल सेक्टर) के कमांडेंट ने कहा कि जिले में शांति, सुरक्षा और सामान्य जनजीवन बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
डॉ. आकांक्षा भास्कर ने कहा कि चुनाव के बाद सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी राजनीतिक गतिविधि की आड़ में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने या भय का माहौल बनाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिस शांतिपूर्ण माहौल में मतदान और मतगणना संपन्न हुई, उसी वातावरण को आगे भी बनाए रखना जरूरी है।
पुलिस अधीक्षक मानव सिंगला ने सख्त लहजे में कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य को एहतियातन हिरासत में लिया गया है, ताकि किसी भी संभावित घटना को रोका जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि तोड़फोड़, सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, धमकी देना या दबाव बनाना जैसी गतिविधियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने आम लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें।
सीआरपीएफ के कमांडेंट रवि शंकर ने भी लोगों से शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बल पूरी तरह तैनात और सतर्क है तथा संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की अशांति फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान सीआरपीएफ की 184वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट चंदू कोले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को संयम बरतना होगा। किसी भी पार्टी के नाम पर गुंडागर्दी, धमकी या प्रतिशोध की राजनीति को सख्ती से रोका जाएगा।
गौरतलब है कि चुनाव परिणाम के बाद जिले के कुछ इलाकों में छिटपुट हिंसा और तनाव की घटनाएं सामने आई थीं, जिससे लोगों में चिंता का माहौल बन गया था। ऐसे में प्रशासन का यह कड़ा और समन्वित रुख स्थिति को नियंत्रित करने और जनता का भरोसा बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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