अनिल बेदाग, मुंबई/कान्हा नेशनल पार्क | 6 फरवरी 2026: जब सिनेमा की रोशनी जंगलों की हरियाली से मिलती है, तब सिर्फ़ एक कहानी नहीं बनती, एक जिम्मेदारी जन्म लेती है। द केरल स्टोरी जैसी प्रभावशाली फिल्म के बाद अभिनेत्री अदा शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार किसी किरदार के लिए नहीं, बल्कि प्रकृति के लिए।
मध्य प्रदेश के कान्हा नेशनल पार्क में आयोजित विशेष कार्यक्रम ‘अनुभूति’ के ज़रिए अदा ने अपने स्टारडम को एक नए मकसद से जोड़ा है—बच्चों को जंगलों, वन्यजीवों और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना।
‘अनुभूति’ कार्यक्रम की खासियत
- कान्हा नेशनल पार्क में बच्चों के लिए आयोजित यह कार्यक्रम जंगलों की सैर, वन्यजीवों की कहानियां, प्रकृति संरक्षण की कार्यशालाएं और जागरूकता सत्रों का मिश्रण था।
- अदा शर्मा ने बच्चों के साथ जंगल सफारी की, बाघों-तेंदुओं की कहानियां सुनाईं और उन्हें बताया कि कैसे छोटे-छोटे कदम पर्यावरण बचा सकते हैं।
- परदे पर हर जॉनर में अपनी सशक्त मौजूदगी दर्ज कराने वाली अदा की मौजूदगी ने ‘अनुभूति’ को सिर्फ़ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक यादगार अनुभव बना दिया।
अदा शर्मा ने कार्यक्रम के दौरान कहा: “जब मैं बच्चों को जंगलों में ले जाती हूं और उनकी आंखों में वो चमक देखती हूं, तो लगता है कि हमारी अगली पीढ़ी सच में बदलाव ला सकती है। सिनेमा मुझे बहुत कुछ देता है, लेकिन प्रकृति और बच्चों के लिए कुछ करना मेरे लिए सबसे बड़ा सुकून है। ‘अनुभूति’ इसी सोच का नाम है—जंगलों और बच्चों के बीच एक सेतु बनाना।”

अदा का पर्यावरण प्रति समर्पण
- अदा पहले भी कई पर्यावरण अभियानों से जुड़ी रही हैं।
- ‘द केरल स्टोरी’ के बाद उन्होंने कहा था कि “अब समय है कि हम अपनी जिम्मेदारी भी निभाएं।”
- कान्हा में यह पहल उसी जिम्मेदारी का हिस्सा है।
यह कार्यक्रम बच्चों को जंगलों की असली कहानी बताने और उन्हें प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने का एक सुंदर प्रयास है। अदा शर्मा ने साबित कर दिया कि स्टारडम सिर्फ़ चमक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है।
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