कोलकाता हिन्दी न्यूज | 28 जुलाई 2026: तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर के अमतला स्थित पार्टी ऑफिस को लेकर विवाद एक बार फिर कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंच गया है।
कार्यालय के एक हिस्से को बुलडोजर से तोड़े जाने के मामले में मंगलवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दावा किया कि जिस हिस्से को तोड़ा गया, वह अभिषेक बनर्जी की कंपनी ‘लिप्स एंड बाउंड्स’ (Lips and Bounds) की संपत्ति नहीं है।
हालांकि मामले की मंगलवार को पूरी सुनवाई नहीं हो सकी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष ने अमतला स्थित विवादित कार्यालय को लेकर 6 अगस्त तक यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को दोपहर 2 बजे होगी।
इसका मतलब है कि तब तक विवादित कार्यालय के संबंध में कोई और तोड़फोड़ नहीं की जा सकेगी।
अमतला ऑफिस में चला था बुलडोजर
डायमंड हार्बर के अमतला में अभिषेक बनर्जी के कार्यालय के एक हिस्से को कुछ दिन पहले प्रशासन ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया था। प्रशासन की ओर से कार्यालय के निर्माण को लेकर वैध प्लान और दस्तावेज नहीं होने का आरोप लगाया गया था।
इस कार्रवाई को लेकर अभिषेक बनर्जी की कंपनी लिप्स एंड बाउंड्स की ओर से कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। इसी मामले पर मंगलवार को न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष की अदालत में सुनवाई हुई।
‘टूटा हिस्सा लिप्स एंड बाउंड्स की संपत्ति नहीं’
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने लिप्स एंड बाउंड्स की ओर से किए गए दावे को खारिज किया।
राज्य के वकील के अनुसार, पार्टी ऑफिस का जिस हिस्से को तोड़ा गया है, वह लिप्स एंड बाउंड्स की संपत्ति नहीं है।
सुनवाई के दौरान राज्य ने जमीन के दाग नंबर का भी उल्लेख किया। राज्य की ओर से कहा गया कि लिप्स एंड बाउंड्स से संबंधित जमीन दाग नंबर 509 और 512 में है और इन हिस्सों में कोई तोड़फोड़ नहीं की गई।
राज्य के अनुसार, जिस हिस्से को ध्वस्त किया गया, वह दाग नंबर 507 में स्थित था।
इसी आधार पर राज्य की ओर से अदालत से पहले दिए गए यथास्थिति के आदेश को हटाने का अनुरोध किया गया।
लिप्स एंड बाउंड्स के वकील ने उठाए नोटिस पर सवाल
दूसरी ओर, अभिषेक बनर्जी की कंपनी लिप्स एंड बाउंड्स की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता किशोर दत्त ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
किशोर दत्त की ओर से अदालत में कहा गया कि कंपनी को पर्याप्त या न्यूनतम नोटिस तक नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित अवैध निर्माण के संबंध में किन दस्तावेजों और किन आधारों पर कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी भी कंपनी को नहीं दी गई।
याचिकाकर्ता की ओर से यह भी दावा किया गया कि संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिए बिना ही कार्यालय के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया।
इस तरह सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने जमीन और ध्वस्त किए गए हिस्से को लेकर अलग-अलग दावे पेश किए।
पहले प्रशासन ने भेजे थे नोटिस
अमतला स्थित इस कार्यालय के निर्माण को लेकर जिला प्रशासन की ओर से पहले भी अभिषेक बनर्जी को नोटिस भेजे गए थे।
प्रशासन का आरोप था कि कार्यालय का निर्माण वैध प्लान और आवश्यक दस्तावेजों के बिना किया गया। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया था कि जिस जमीन पर कार्यालय बनाया गया, वह लिप्स एंड बाउंड्स के नाम पर खरीदी गई थी और दस्तावेजों में अभिषेक बनर्जी के पिता अमित बनर्जी का नाम दर्ज है।
प्रशासन की ओर से लगातार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद जवाब नहीं मिलने का दावा किया गया। इसके बाद विवादित कार्यालय के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया।
अब 6 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
मंगलवार को अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई नहीं की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष ने 6 अगस्त तक Status Quo बनाए रखने का आदेश दिया।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को दोपहर 2 बजे होगी। तब अदालत के सामने जमीन के दाग नंबर, स्वामित्व और कथित अवैध निर्माण से जुड़े दस्तावेजों सहित अन्य पहलुओं पर आगे सुनवाई हो सकती है।
फिलहाल अदालत के आदेश के कारण अमतला स्थित विवादित कार्यालय के संबंध में 6 अगस्त तक यथास्थिति बनी रहेगी।
अमतला ऑफिस विवाद में आगे क्या?
मामले में फिलहाल दो प्रमुख दावे आमने-सामने हैं। राज्य सरकार का कहना है कि ध्वस्त किया गया हिस्सा लिप्स एंड बाउंड्स की संपत्ति नहीं था, जबकि कंपनी की ओर से प्रशासन की कार्रवाई और नोटिस प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं।
अब 6 अगस्त की सुनवाई में हाई कोर्ट इस विवाद पर दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनेगा। इसके बाद मामले की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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