कोलकाता हिन्दी न्यूज | 18 जुलाई 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। दक्षिण 24 परगना के आमतला स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी।
आरोप है कि यह पांच मंजिला इमारत बिना स्वीकृत भवन योजना (बिल्डिंग प्लान) और आवश्यक दस्तावेजों के बनाई गई थी। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को पुलिस और केंद्रीय बलों ने सुरक्षा घेरे में ले लिया।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, कार्यालय को पहले भी कई नोटिस जारी किए गए थे। 30 जून और 7 जुलाई को नोटिस भेजे गए, जबकि 15 जुलाई को संबंधित पक्ष को जिला प्रशासन के कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया था।
प्रशासन का दावा है कि इन नोटिसों का कोई जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शुरू हुई कार्रवाई
शनिवार सुबह से ही कार्यालय परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। पूरे क्षेत्र को बैरिकेडिंग कर सील कर दिया गया। इसके बाद तीन बुलडोजरों की मदद से भवन को तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई।
पुलिस ने कार्यालय का ताला तोड़कर परिसर में प्रवेश किया। मौके पर दमकल विभाग की टीम भी मौजूद रही ताकि किसी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने जताई खुशी
कार्रवाई शुरू होते ही मौके पर मौजूद भाजपा समर्थकों ने नारेबाजी की। स्थानीय भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भवन अवैध तरीके से बनाया गया था और प्रशासन ने कानून के अनुसार कार्रवाई की है।
स्थानीय विधायक अग्निश्वर नस्कर ने कहा कि कार्यालय जिस जमीन पर बना है, उसके स्वामित्व और निर्माण की वैधता को लेकर गंभीर सवाल हैं। उनके अनुसार, प्रशासन ने जांच के बाद यह कार्रवाई की है।
प्रशासन का क्या कहना है?
प्रशासन के अनुसार, भवन निर्माण के लिए वैध स्वीकृत नक्शा और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया था कि जिस जमीन पर कार्यालय बना है, वह लिप्स एंड बाउंड्स के नाम से खरीदी गई थी, जिसमें अभिषेक बनर्जी के पिता अमित बनर्जी का नाम भी दर्ज बताया गया है।
प्रशासन का कहना है कि लगातार दो नोटिसों का जवाब नहीं मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
जांच और कार्रवाई जारी
घटनास्थल पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद हैं। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी।
नोट: इस मामले में लगाए गए आरोप प्रशासन के दावों पर आधारित हैं। संबंधित पक्ष की ओर से यदि कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण जारी होता है, तो उसे भी समाचार में शामिल किया जाना चाहिए ताकि संतुलित और तथ्यपरक प्रस्तुति बनी रहे।
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