तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। किसी की स्मृति को सच्ची श्रद्धांजलि तब मिलती है, जब उसके विचार समाज की प्रेरणा बन जाएं। समाजसेवी, क्विज मास्टर, शोधकर्ता, लेखक, शिक्षक और ‘शिक्षारत्न’ से सम्मानित दिवंगत डॉ. मौसम मजूमदार की जयंती पर आज ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
उनके जन्मस्थान आस्ताड़ा गांव में आयोजित विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में 216 महिला-पुरुष रक्तदाताओं ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया।
मेचेदा और तमलुक के बीच स्थित प्रत्याशा गेस्ट हाउस में आयोजित इस शिविर का संयुक्त रूप से आयोजन मेदिनीपुर क्विज केंद्र सोशल वेलफेयर सोसाइटी और आस्ताड़ा स्पोर्ट्स एंड कल्चरल एसोसिएशन ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. मौसम मजूमदार के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद कल्चरल एसोसिएशन के सदस्य- सदस्याओं ने उद्घाटन गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भावपूर्ण बना दिया।
शिविर में रक्त संग्रह का दायित्व ताम्रलिप्त मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ब्लड सेंटर ने निभाया। स्वैच्छिक रक्तदान आंदोलन को निरंतर गति देने में उल्लेखनीय योगदान के लिए वेस्ट बंगाल वॉलंटरी ब्लड डोनर्स फोरम (बारासात) ने मेदिनीपुर क्विज केंद्र सोशल वेलफेयर सोसाइटी को ‘छाया बेरा स्मृति स्मारक सम्मान’ से सम्मानित किया।
रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री डॉ. हरेकृष्ण बेरा, डॉ. मौसम मजूमदार की पत्नी सुपर्णा मजूमदार, राज्य रक्तदान आंदोलन के प्रमुख कार्यकर्ता अपूर्व घोष एवं नुरुल इस्लाम,
रक्तदान आंदोलन के नेता संदीप चक्रवर्ती, मेदिनीपुर क्विज केंद्र के अध्यक्ष डॉ. रिंकू चक्रवर्ती, सचिव सुजन बेरा, आस्ताड़ा स्पोर्ट्स एंड कल्चरल एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल घोड़ाई, सचिव सोमनाथ मजूमदार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आयोजन की एक विशेष पहल पर्यावरण संरक्षण को समर्पित रही। सभी रक्तदाताओं और अतिथियों को स्मृति-स्वरूप एक-एक पौधा भेंट कर हरित भविष्य का संदेश दिया गया। पूरे आयोजन में सेवा, संवेदना और सामाजिक सरोकार की वह भावना स्पष्ट दिखाई दी, जिसे डॉ. मौसम मजूमदार जीवनभर आगे बढ़ाते रहे।
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