खड़गपुर। 18 साल लंबे संघर्ष के बाद न्याय मिलने की खुशी में खड़गपुर रेलवे स्टेशन के 172 कैटरिंग वेंडरों और उनके परिवारों ने मंगलवार को शहर में ‘संघर्ष विजय जुलूस’ निकाला।
कोलकाता हाईकोर्ट के बकाया मजदूरी पर सूद समेत भुगतान के आदेश के बाद निकाला गया यह जुलूस न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त करने और श्रमिक नेता अरविंद पांडेय को सम्मानित करने का प्रतीक बना।
जुलूस अरविंद पांडेय के ईंदा, माली बागान स्थित घर से शुरू होकर खड़गपुर डीआरएम कार्यालय के सामने समाप्त हुआ। इसमें वेंडरों ने वर्षों के शोषण के खिलाफ अपनी एकजुटता और जीत का इजहार किया।
वेंडरों के अनुसार, 2001 से 2009 तक खड़गपुर स्टेशन पर काम करने वाले 172 वेंडरों से श्रम लिया गया, लेकिन मजदूरी नहीं दी गई। 2008 से पांडेय के नेतृत्व में चला आंदोलन और कानूनी लड़ाई 18 साल चली।
आखिरकार 20 जनवरी 2026 को कोलकाता हाईकोर्ट ने ठेकेदार और रेल प्रशासन को बकाया सूद सहित चुकाने का निर्देश दिया, जिसे वेंडरों ने ऐतिहासिक फैसला बताया। टाटानगर, बालासोर और राउरकेला स्टेशनों से भी सैकड़ों वेंडर जुलूस में शामिल हुए।
वक्ताओं ने कहा कि यह फैसला खड़गपुर तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे रेलवे कैटरिंग क्षेत्र के श्रमिकों के लिए मिसाल बनेगा। समापन पर वेंडरों ने भरोसा जताया कि रेल प्रशासन अब श्रमिक अधिकारों का सम्मान करेगा और भविष्य में उल्लंघन नहीं होने देगा।
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