तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। झाड़ग्राम शहर में बच्चों की खिलखिलाहट और परिवारों के सुकून भरे अवकाश के लिए एक नया ठिकाना तैयार हो गया है। लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए विद्यासागर पल्ली स्थित 18 नंबर वार्ड में निर्मित आधुनिक शिशु उद्यान का मंगलवार को औपचारिक उद्घाटन कर दिया गया। राज्य की वन मंत्री बीरबाहा हांसदा ने फीता काटकर पार्क को आम लोगों के लिए खोल दिया।
करीब 50 लाख रुपये की लागत से विधायक निधि के माध्यम से विकसित इस पार्क को बच्चों और स्थानीय नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यहां छोटे बच्चों के लिए झूले, स्लाइड, स्प्रिंग युक्त घोड़े और विभिन्न आधुनिक खेल उपकरण लगाए गए हैं।
इसके अलावा पार्क के चारों ओर मॉर्निंग वॉक के लिए ब्लॉक बिछी पथरीली सड़क तथा बैठने के लिए कुर्सियों की भी समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे बुजुर्ग और महिलाएं भी आराम से समय बिता सकें।
उद्घाटन के अवसर पर मंत्री बीरबाहा हांसदा ने कहा कि यह पार्क केवल बच्चों के मनोरंजन का केंद्र नहीं, बल्कि इलाके की महिलाओं और परिवारों के लिए भी एक सुखद सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया गया है।
उन्होंने कहा कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में खेलकूद की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए शहर में इस तरह की पहल और बढ़ाई जानी चाहिए। कार्यक्रम के बाद मंत्री ने पार्क का निरीक्षण किया और वहां मौजूद बच्चों व महिलाओं से हंसते-मुस्कुराते हुए बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना।
इस मौके पर झाड़ग्राम के डीएफओ उमर इमाम, झाड़ग्राम पौरसभा के 18 नंबर वार्ड के काउंसलर गौतम महतो, झाड़ग्राम शहर तृणमूल कांग्रेस के सभापति नवगोपाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए पुराने पार्कों की स्थिति की ओर भी ध्यान दिलाया। उनका कहना था कि वाम शासनकाल में झाड़ग्राम में घोड़ाधरा पार्क, रवींद्र पार्क, वैकालीक पार्क, लोकल बोर्ड तालाब से सटा संचिता पार्क, बेनागेरिया का अरविंद पार्क और सत्यवान पल्ली पार्क समेत कुल आठ पार्क बनाए गए थे।
समय के साथ रखरखाव के अभाव में इन पार्कों की हालत जर्जर हो गई है। कहीं रोशनी बंद है तो कहीं बाड़ टूटने से पशु अंदर घुस आते हैं, जिसके कारण इनका उपयोग लगभग बंद हो चुका है।
मंत्री बीरबाहा हांसदा ने इस चिंता को गंभीरता से लेते हुए कहा कि नए शिशु उद्यान के समुचित रखरखाव पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पार्क की जिम्मेदारी वन विभाग को सौंपने के प्रस्ताव पर विचार चल रहा है और इस संबंध में विभाग से शीघ्र चर्चा की जाएगी।
उद्घाटन के साथ ही इलाके के बच्चों और अभिभावकों में उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि नियमित देखभाल और बेहतर प्रबंधन के साथ यह शिशु उद्यान आने वाले दिनों में झाड़ग्राम का एक प्रमुख मनोरंजन स्थल बन सकता है, जहां बच्चों की हंसी और किलकारियां शहर की रौनक बढ़ाती रहेंगी।
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