खड़गपुर। पूर्व मेदिनीपुर जिले के कोलाघाट ब्लॉक के जिनादा बाजार के आसपास के क्षेत्र सहित सिद्धा-1 ग्राम पंचायत इलाके में नई शराब दुकान न खोलने की मांग को लेकर आज स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने पांशकुड़ा थाने के प्रभारी अधिकारी (आईसी) को डेपुटेशन और ज्ञापन सौंपा।
यह कदम इलाके में व्याप्त नशे की समस्या को और गहराने से रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है, जहां पहले से ही अवैध शराब और ड्रग्स का बोलबाला है।
डेपुटेशन में पूर्व मेदिनीपुर जिला मद एवं मादक द्रव्य विरोधी कमेटी की सिद्धा-1 ग्राम पंचायत शाखा के संयुक्त सचिव जहिरुल हुसैन और असित अधिकारी शामिल थे।
संगठन के नेताओं ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 16 (एनएच-16) पर जिनादा बाजार के सटे हुए स्थान पर बंद पड़ी शराब दुकान को पुनः चालू करने का प्रयास आबकारी विभाग कर रहा है, जो स्थानीय समुदाय के लिए घातक साबित होगा।
इस बाजार के आसपास प्राथमिक विद्यालय, जूनियर हाईस्कूल, मस्जिद, प्राथमिक उप-स्वास्थ्य केंद्र मौजूद हैं, जबकि नजदीक ही घनी आबादी वाला आवासीय इलाका है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में शराब की दुकान खोलना सामाजिक और नैतिक रूप से अनुचित है।
कमेटी के जिला नेतृत्वकर्ता नारायण चंद्र नायक ने बताया, “इस तरह के घनी आबादी वाले इलाके में सरकारी शराब दुकान दोबारा खोलने से क्षेत्र का स्वस्थ सामाजिक वातावरण बुरी तरह प्रभावित होगा।
वैसे ही अवैध चोलाइ मद (देशी शराब) का दबदबा है और विभिन्न प्रकार के मादक द्रव्यों जैसे गांजा, नशीली पत्तियों आदि का प्रसार हो रहा है, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं।
यदि यह नई दुकान खुल गई, तो इसके दुष्प्रभाव से छात्रों और युवाओं का एक बड़ा वर्ग नशे की गिरफ्त में आ सकता है।” नायक ने चिंता जताई कि इससे न केवल अपराध बढ़ेगा, बल्कि परिवारों का विघटन भी होगा।
ज्ञापन में कमेटी ने स्पष्ट मांग की है कि जिनादा बाजार के सटे हुए क्षेत्र सहित पूरे ग्राम पंचायत इलाके में कोई नई शराब दुकान न खोली जाए। साथ ही, विभिन्न दुकानों में अवैध रूप से देशी या विदेशी शराब की बिक्री बंद की जाए और आड़-ओ-परदे में चोलाइ शराब का कारोबार पूरी तरह समाप्त हो। संगठन ने तत्काल आवश्यक कदम उठाने की अपील की है, ताकि युवा पीढ़ी को नशे के जाल से बचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि पांशकुड़ा थाने के आईसी सुजन कुमार राय ने ज्ञापन ग्रहण करने के बाद डेपुटेशन के सदस्यों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा, “आपकी मांग की युक्तिसंगतता को स्वीकार करता हूं। इस पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और संबंधित विभागों को सूचित किया जाएगा।” आईसी के इस आश्वासन से डेपुटेशन के सदस्य संतुष्ट दिखे, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग पूरी न हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
यह घटना पूर्व मेदिनीपुर जिले में नशा मुक्ति अभियान के व्यापक संदर्भ में देखी जा रही है, जहां ग्रामीण इलाकों में शराब और ड्रग्स की समस्या तेजी से बढ़ रही है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों का भी समर्थन प्राप्त इस पहल से उम्मीद है कि प्रशासन गंभीरता से कदम उठाएगा। कमेटी ने आगामी दिनों में जागरूकता अभियान चलाने की योजना भी बनाई है।
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