खड़गपुर। हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में, विशेष रूप से भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषियों पर हमले की कथित घटनाएं सामने आई हैं। इस मुद्दे पर भाजपा को छोड़कर पश्चिम बंगाल की अन्य राजनीतिक पार्टियां और वामपंथी दल भी विरोध में उतर आए हैं।
इसी कड़ी में सीपीआईएम ने पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत मेदिनीपुर में एक महा जुलुस का आयोजन किया, जिसमें राज्य सचिव मोहम्मद सलीम उपस्थित थे। शहर के पंचू चक से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः पंचू चक में रवींद्र मूर्ति के पास जुलूस समाप्त हुआ।
मोहम्मद सलीम के अलावा सीपीआईएम के पश्चिम मेदिनीपुर जिला सचिव विजय पाल और राज्य समिति के सदस्य तापस सिन्हा सहित अन्य नेता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
महा जुलूस में बांग्ला भाषी होने के कारण लोगों को ‘बांग्लादेशी’ कहकर प्रताड़ित किए जाने की निंदा की गई और सवाल उठाया गया कि क्या बांग्ला बोलने पर हर किसी को बांग्लादेशी करार दे दिया जाएगा।
महाजुलूस में यह भी कहा गया कि रवींद्रनाथ टैगोर और नजरुल इस्लाम के बंगाल में सांप्रदायिक ताकतों के लिए कोई जगह नहीं है।
जुलूस के बाद मोहम्मद सलीम ने उपस्थित पत्रकारों के विभिन्न सवालों का जवाब दिया। इस बैठक में नई जिला समिति के सदस्यों में से 13 लोगों की एक जिला सचिव मंडल का गठन किया गया, जिनमें से सभी पहले से ही सचिव मंडल के सदस्य थे।
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