IMG 20260901 WA0038

प्रसिद्ध साहित्यकार सुरेश चौधरी ‘इंदु’ की 45 प्रकाशित पुस्तकों पर चार दिवसीय चर्चा एवं विवेचना

कोलकाता। अभ्युदय इंटरनेशनल द्वारा प्रसिद्ध साहित्यकार सुरेश चौधरी ‘इंदु’ की अब तक प्रकाशित 45 पुस्तकों पर केंद्रित चार दिवसीय चर्चा एवं विवेचना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 26 अगस्त से आरंभ हुए इस साहित्यिक आयोजन में देश-विदेश के 50 से अधिक साहित्यकारों ने सक्रिय सहभागिता की।

कार्यक्रम के मुख्य चर्चा-सत्र 29 अगस्त को प्रातः 10 बजे से सायं 5:30 बजे तक तथा 30 अगस्त को प्रातः 8:30 बजे से सायं 4:30 बजे तक निरंतर चले। इस अवसर पर सुरेश चौधरी ‘इंदु’ के विविध साहित्यिक रूपों – कविता, प्रार्थना, यात्रा-वृत्तांत, संस्मरण, दर्शन, संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से संबंधित पुस्तकों – पर विस्तार से चर्चा एवं समीक्षात्मक विवेचना की गई।

इस आयोजन को सफल बनाने में संस्था की संस्थापक डॉ. इंदु झुनझुनवाला, अध्यक्ष प्रेम तन्मय तथा महासचिव चन्दा प्रह्लादका का विशेष एवं सराहनीय योगदान रहा।

प्रथम दिवस : प्रथम दिवस की चर्चा का आरंभ ज्योति तिवारी ने किया। उन्होंने प्रांजलि की प्रार्थनाओं पर प्रकाश डाला। इसके बाद – यशपाल सिंह ‘यश’, मुंबई – एक्सीडेंटल टूर इन हायबरनेशन, संगीत श्रीवास्तव – बुलबुले-सी ज़िंदगी, शैलजा क्रोला – मैं जीवन दंड विधान हूँ, भगवती सक्सेना – आसमान को छू लें, भूमिका श्रीवास्तव – चमत्कृत करती भाषा संस्कृत, प्रबल प्रताप राणा – तिमिर ढलेगा की कविता- संभावनाएँ,

निशा अतुल्य – उद्धव-गोपियों की वार्ता पर आधारित भजन तत्त्वज्ञान तो तुम स्वयं हो, मंजुश्री गुप्ता – तिमिर ढलेगा, सविता भुवानिया – प्रांजलि, शशि लाहोटी – बूँद-बूँद सागर, सुनीता ममगई – प्रांजलि की प्रार्थना : अज्ञान का अनगढ़ पाषाण, त्रिशला मिश्र – वनबाला, संतोष भाऊवाला – छुक-छुक करती आती रेल, शशि बजाज सर्राफ – मेरे पिताजी, कविता शास्त्री – एक्सीडेंटल टूर इन हायबरनेशन, मंजु बंसल – हार न असफलताओं से पर सार्थक चर्चा एवं समीक्षात्मक विचार प्रस्तुत किए गए।

यह भी पढ़ें:  गजल मंच का ऑनलाइन तरही मुशायरा संपन्न

दूसरे दिन कैलिफोर्निया, अमेरिका से जुड़े साहित्यकारों एवं सदस्यों ने सहभागिता की। इस सत्र में ममता सिंह – मैं भी प्रेम लिखता हूँ , शशि रेलन – नारी भारत की, शकुंतला दुमेरेवाल – ताजमहल, दर्शन दुआ – माँ, विभा सिन्हा – वाल्मीकि के राम, मंजु शर्मा – मैं प्रेम लिखता हूँ, डॉ. दुर्गा सिंह – उदार अड़सठ शरद, मधुबाला जग्गी – एक नई सुबह जो चुकी, राकेश कपूर – बुढ़ापा, करुणा सक्सेना – खत पर चर्चा एवं समीक्षा की गई।

दूसरे सत्र में भारत से जुड़े साहित्यकारों ने अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। सुदेश वत्स ने ब्रह्म वाक्य, उमा शर्मा ने भज गोविन्दम्, रचना सरन ने भ्रम और भ्रांतियाँ, अंजू मनोत ने प्रांजलि तथा डॉ. उषा पांडेय ने दो पुस्तकों की समीक्षा प्रस्तुत की। पूरे आयोजन में प्रथम दिवस का सुंदर एवं प्रभावी संचालन ज्योति तिवारी ने तथा दूसरे दिवस का संचालन चन्दा प्रह्लादका ने किया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर सुरेश चौधरी ‘इंदु’ ने सभी समीक्षकों एवं प्रतिभागी साहित्यकारों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अपनी पुस्तकों पर इतने साहित्यकारों द्वारा गंभीरता और आत्मीयता के साथ की गई चर्चा उनके लिए अत्यंत भावुक एवं गौरवपूर्ण अनुभव है। अंत में डॉ. इंदु झुनझुनवाला एवं प्रेम तन्मय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

यह भी पढ़ें:  मधुमय देश और काव्य संध्या कार्यक्रम में देश प्रेम की रचनाओं और गीतों की गंगा बही

यह चार दिवसीय आयोजन साहित्य, विचार और सृजन के प्रति समर्पित एक उल्लेखनीय पहल के रूप में सम्पन्न हुआ। चार दिवसीय का समापन सत्र अगले सप्ताह रखा जाएगा, जिसमें सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी दिए जाएँगे।

ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च करफॉलो करें।

राज कुमार गुप्त Avatar

राज कुमार गुप्त पिछले 12+ वर्षों से सब-एडिटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन में काम कर रहे हैं। वे खबरों को सटीक और संतुलित रूप देने में विशेषज्ञ हैं। कोलकाता के स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ है।

यह भी पढ़ें:  दिल्ली की अदालत ने पहलवान सुशील कुमार को चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत दी
Fact Checked & Editorial Guidelines

Our Fact Checking Process

We prioritize accuracy and integrity in our content. Here's how we maintain high standards:

  1. Expert Review: All articles are reviewed by subject matter experts.
  2. Source Validation: Information is backed by credible, up-to-date sources.
  3. Transparency: We clearly cite references and disclose potential conflicts.
Reviewed by: Subject Matter Experts

Our Review Board

Our content is carefully reviewed by experienced professionals to ensure accuracy and relevance.

  • Qualified Experts: Each article is assessed by specialists with field-specific knowledge.
  • Up-to-date Insights: We incorporate the latest research, trends, and standards.
  • Commitment to Quality: Reviewers ensure clarity, correctness, and completeness.

Look for the expert-reviewed label to read content you can trust.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

13 − one =