कोलकाता। पश्चिम बंगाल के धार्मिक आयोजन में गर्मी और उमस के चलते तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं 125 अन्य लोगों की भी तबियत बिगड़ गई है। यह वाकया उत्तरी 24 परगना जिले के बैरकपुर सब डिवीजन स्थित इस्कॉन मंदिर में आयोजित डुई-चिरी मेला के दौरान हुआ है। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट करके भक्तों की मौत पर दुख जताया है। वहीं मामले की जानकारी होते ही अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मारे गए लोगों में दो महिलाएं और एक पुरुष है। सभी की उम्र 60 साल से ऊपर है।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक घटना की वजह गर्मी और उमस के बीच बहुत ज्यादा भीड़ रही। मंदिर पिछले दो साल से बंद था। इसलिए इस बार जब मंदिर खुला तो यहां पर भारी भीड़ उमड़ी। जानकारी के मुताबिक श्रद्धालुओं की संख्या करीब ढाई से तीन लाख के बीच थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को इस बारे में कोई सूचना नहीं दी गई थी कि यहां पर इतनी भीड़ होने वाली है। यह मेला 15वीं सदी के संत श्री चैतन्यदेव के यहां आगमन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

तृणमूल कांग्रेस के विधायक निर्मल घोष ने बताया दो साल के बाद आयोजन के चलते काफी ज्यादा भीड़ हो गई थी। इस दौरान भयंकर गर्मी और खराब मौसम के चलते बुजुर्ग श्रद्धालुओं को परेशानी हुई और उन्हें जान से हाथ धोना पड़ा। वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कहा कि इतनी भारी भीड़ होने के बावजूद यहां पर कोई इंतजाम नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि व्यवस्था नाम कोई चीज नहीं थी। लोग तीन-तीन घंटे तक लाइन में लगे थे। हादसे के बाद मंदिर को बंद कर दिया गया।

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