26 December : आज का राशिफल व पंचांग जानें, पं. मनोज कृष्ण शास्त्री से

।।आज का राशिफल एवं पंचांग।।
26दिसंबर 2021रविवार

मेष : आज के दिन आपकी वैचारिक शक्ति प्रबल रहेगी लेकिन फिर भी अंतर्द्वन्द में ही फंसे रह जाएंगे जिस कार्य को करना आरम्भ करेंगे उसे मनमाने तरीके से ही करेंगे किसी का कार्य मे दखल देना अखरेगा बेवजह की बहस के लिये तुरंत तैयार रहेंगे। कार्य क्षेत्र पर मध्यान तक उदासीनता रहेगी इसके बाद भी मेहनत करने पर ही आय के स्तोत्र बनेंगे लाभ आज सीमित साधनों से होगा लेकिन मेहनत आगे अवश्य धन लाभ के मार्ग बनाएगी। मन कुछ समय के लिये अनैतिक कार्यो मौज शौक की ओर भटकेगा लेकिन इसमें भी कुछ ना कुछ व्यवधान आने से इच्छा पूर्ति नही कर पाएंगे। पति/स्त्री संतान सुख मिलेगा साथ ही कोई नई समस्या भी बनेगी।

वृष : आज आपके अंदर तेज की कमी रहेगी मन मे कुछ ना कुछ भय बना रहेगा आस पास का वातावरण भी विपरीत रहेगा छोटी मोटी बातो अथवा हास्य परिहास में भी कलह होने की संभावना है। आज विशेषकर विपरीत लिंगीय से सीमित व्यवहार रखें अन्यथा मान भंग हो सकता है। आज आप भाई बंधुओ के लिये लाभकारी सिद्ध होंगे लेकिन आपके द्वारा दी गई आर्थिक अथवा अन्य प्रकार की सहायता का दुरुपयोग होने की संभावना अधिक है। शत्रु पक्ष को कमजोर ना आकेँ अंदर ही अंदर हानि पहुचायेंगे। धन लाभ आज मुश्किल से ही होगा।

मिथुन : आज के दिन आर्थिक उन्नति के योग बन रहे है लेकिन साथ ही सामाजिक क्षेत्र पर बदनामी अथवा किसी मामूली बात का बतंगड़ बनने से सम्मान हानि की भी सम्भवना है। भाई बंधु अथवा मित्र मंडली में कम बैठे कुछ ना कुछ गड़बड़ ही होगी। कार्य व्यवसाय से पहके से तय आय निश्चित होगी इसके अतिरिक्त भी जोखिम वाले कार्य शेयर लॉटरी आदि से अकस्मात लाभ की संभावना है। व्यवसायी वर्ग आर्थिक रूप से समृद्ध रहने पर भी असंतोषी ही रहेंगे। गृहस्थी में जिस बात को छुपाने के प्रयास करेंगे वही तकरार का कारण बनेगी। संतान से संबंध में चंचलता आएगी।

कर्क : आज आपका मन संतोषी रहने पर भी अन्य लोगो से स्वयं की तुलना करने पर बेचैन रहेगा। कार्य व्यवसाय से भी कोई सकारात्मक परिणाम नही मिलेगा। धन की आमद कम और खर्च अधिक रहने के कारण आर्थिक संतुलन गड़बड़ायेगा। परिवार की महिलाए मानसिक विकार से ग्रस्त रहेंगी मामूली बातो को प्रतिष्ठा से जोड़ने पर घर का वातावरण खराब कर सकती है। पिता अथवा पैतृक संपत्ति से संबंधित कार्यो से लाभ की उम्मीद अंत समय मे उलझन में बदलेगी। व्यवहार में मिठास बनाये रहने से कई पारिवारिक एवं कानूनी लफड़ो से बच सकते है। सेहत में थोड़े बहुत विकार लगे रहेंगे।

सिंह : आज का दिन शुभ फलदायक रहने पर भी आप इसका पूर्ण लाभ नही उठा पाएंगे। आपका स्वभाव अन्य लोगो के प्रति लापरवाह और रूखा रहेगा केवल स्वार्थ पूर्ति हेतु ही व्यवहार रखेंगे। जिसे अपना हितैषी समझेंगे वही दुख का कारण बनेगा। कार्य व्यवसाय में लाभ के अवसर मिलेंगे परन्तु अनुभव की कमी के कारण हाथ से निकलने की सम्भवना है लाभ पाने के लिये अहम की भावना त्याग किसी अनुभवी की सलाह अवश्य लें। धर्म कर्म में निष्ठा होने पर भी पाप कर्म के प्रति ज्यादा आकर्षण रहेगा। परिजन आपकी बातों का जल्दी से विश्वास नही करेंगे केवल मित्र लोग ही स्वार्थ वश आपकी हाँ में हाँ मिलाएंगे। सेहत संध्या बाद प्रतिकूल होगी।

कन्या : आज का दिन उतार चढ़ाव वाला रहेगा आपका ध्यान आज कम समय मे ज्यादा लाभ कमाने पर रहेगा लेकिन इसमें सफलता नही मिल सकेगी। धन लाभ के लिये दिन भर संघर्ष करना पडेगा लेकिन होगा अकस्मात ही। संतान अथवा पैतृक मामलो को लेकर कई दिनों से लगी कोई उम्मीद टूटने की संभावना है। विद्यार्थी वर्ग का अध्ययन में मन नही लगेगा प्रतियोगी परीक्षा में असफलता मिलेगी। संध्या तक धैर्य से काम लें इसके बाद स्थिति अनुकूल बनने लगेगी जो लोग आपको बोझ समझ रहे थे वही आपका महत्त्व समझेंगे। आध्यात्म एवं परोपकार का सहारा लें निकट भविष्य में अवश्य काम आएगा। सेहत संध्या बाद थकान होने पर भी अनुकूल लगेगी।

तुला : आज का दिन सार्वजनिक क्षेत्र से सम्मान दिलाएगा दिन के आरंभ में किसीकी बेतुकी बात को लेकर क्रोध में रहेगें थोड़ा बहुत गुस्सा दिन भर बना ही रहेगा। मध्यान के समय जिस कार्य से लाभ की उम्मीद लागये बैठे है उसके टलने से मन निराश होगा। कार्य व्यवसाय में आज दिनचार्य संभावनाओ पर केंद्रित रहेगी लाभ के कई अवसर निकट आते आते निरस्त होंगे फिर भी किसी ना किसी का सहयोग मिलने से धन लाभ हो ही जायेगा। पारिवारिक वातावरण धर्य की कमी से खराब हो सकता है घर की अपेक्षा आज बाहर समय बिताने से सहज अनुभव करेंगे। सेहत मानसिक विकार को छोड़ सामान्य रहेगी।

वृश्चिक : आज का दिन भी सफलता वाला है लेकिन अपनी वाणी एवं व्यवहार को संतुलित रखना जरूरी है। कम लाभ से संतोष करने से ही दिन का फायदा उठाया जा सकता है अन्यथा लाभ के अवसर गरमा गरमी में हाथ से निकल सकते है। भाई बंधुओ से आज सीमित व्यवहार रखना ही बेहतर रहेगा अन्यथा कुछ न कुछ मानसिक क्लेश ही बनेगा। कार्य क्षेत्र पर स्थिति मेहनत के बाद लाभदायक बनेगी, प्रतिस्पर्धी हावी रहेंगे फिर भी अगर दृढ़ रहे तो सफलता अवश्य मिलेगी। पारिवारिक वातावरण सामान्य रहेगा पल में खुशी पल में उदासी बनेगी। सेहत में थोड़ी बहुत नरमी बनी रहेगी।

धनु : आज का दिन दौड़धूप वाला रहेगा दैनिक कार्यो की भागमभाग में शरीर की अवहेलना बाद में भारी पड़ेगी। व्यावसायिक कार्य मे परिश्रम अधिक करना पड़ेगा फिर भी लाभ आशाजनक नही होगा। आपके हिस्से का लाभ किसी अन्य के हिस्से में भी जा सकता है लापरवाही से बचें। आज की गई मेहनत का सकारत्मक परिणाम संध्या बाद से देखने को मिलेगा कई दिनों से चल रही आर्थिक तंगी में कमी आएगी लेकिन धन लाभ आज आंशिक लेकिन निकट भविष्य में आशाजनक रहेगा। परिवार ने संतानों का मनमाना व्यवहार मन दुख का कारण बनेगा पारिवारिक सुख में कमी आएगी। शरीर मे कोई नया रोग होने की संभावना भी है।

मकर : आज का दिन अशुभ फलदायी रहेगा आज किसी ना किसी कारण से मानसिक संताप होगा। पूर्व में की किसी गलती का आभास होगा लेकिन विपरीत परिस्थिति के कारण सुधार भी नही कर सकेंगे। सेहत मध्यान तक नरम रहेगी हाथ पैर एवं अन्य शारीरिक अंगों में शितिलता के कारण कार्य बेमन से करने पड़ेंगे। कार्य व्यवसाय की स्थिति भी दयनीय ही रहेगी अन्य लोगो के ऊपर आश्रित रहना पड़ेगा। धन लाभ होगा लेकिन व्यर्थ के खर्चो में लग जायेगा। माता अथवा घर की महिलाओं की सेहत भी नरम रहने के कारण वातावरण अस्त व्यस्त रहेगा। उधारी के लेन देन से बचे वरना आगे आर्थिक समस्या गहरा सकती है।

कुंभ : आज का दिन प्रत्येक कार्यो में विजय दिलाने वाला रहेगा लेकिन इसके लिये समय का सदुपयोग करना पड़ेगा परिवार में भाई बंधुओ से ईर्ष्या युक्त संबंध रहेंगे अन्य लोगो आपकी प्रगति देख वैरभाव रखेंगे आप भी आज किसी कारण से हीन भावना से ग्रस्त रहेंगे। आज अपने काम से काम रखें अन्यथा अनुकूल दिन का उचित लाभ नही मिल सकेगा। अतिआवश्यक कार्य संध्या से पहले पूर्ण कर लें इसके बाद शारीरिक अथवा अन्य कारणों से बाधा आने लगेगी। कार्य क्षेत्र पर अथवा आस पडोस में नए शत्रु पनपेंगे सतर्क रहें। स्त्री संतानों से भी किसी बात पर मतभेद हो सकता है।

मीन : आज का दिन लाभदायक बना है इसका लाभ उठायें स्वभाव में थोड़ी उग्रता एवं जल्दबाजी रहेगी प्रत्येक कार्य को बिना सोचे समझे करेंगे जिससे बाद में पछताना पड़ेगा। कार्य व्यवसाय आज अन्य प्रतिस्पर्धियों को तुलना में बेहतर चलेगा धन लाभ भी थोड़ी देर अबेर आशाजनक होगा लेकिन धन व्यर्थ के कार्यो में खर्च हो सकता है। मौज शौक की प्रवृति से दूर रहें अन्यथा घर मे विशेष कर महिला वर्ग से विवाद की संभावना है। संध्या के आस पास किसी से ध न संबंधित व्यवहार को लेकर विवाद हो सकता है गुस्से को काबू में रखें वरना कल पछताना पड़ेगा।

।।आज का पंचांग।।

दिनांक – 26 दिसम्बर 2021
दिन – रविवार
विक्रम संवत – 2078
शक संवत -1943
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शिशिर
मास – पौष
पक्ष – कृष्ण
तिथि – सप्तमी रात्रि 08:09 तक तत्पश्चात अष्टमी
नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी 27 दिसम्बर प्रातः 05:26 तक तत्पश्चात हस्त
योग – आयुष्मान सुबह 10:24 तक तत्पश्चात सौभाग्य
राहुकाल – शाम 04:43 से शाम 06:05 तक
सूर्योदय – 07:15
सूर्यास्त – 18:03
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में
व्रत पर्व विवरण – रविवारी सप्तमी (सूर्योदय से रात्रि 08:09 तक

कर्ज हो तो :
किसी के सिर पर कर्जा है तो एक सफेद कपड़ा ले लिया और पाँच फूल गुलाब के ले लिए एक फूल हाथ में लिया और गायत्री मंत्र बोल देना :
ॐ भू र्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्। और कपड़े पर रख दिया ऐसे पाँचो फूल गायत्री मंत्र जपते हुये कपडे पर रख दिये और कपड़े को गठान लगाईं और प्रार्थना पूर्वक कि मेरे सिर पर जो भार है.. हे भगवान, हे भागीरथी गंगा !! वो भार भी बह जाये, दूर हो जाये, नष्ट हो जाये ऐसा करके जो कपड़ा बाँधा है फूल रखकर वो बहते हुए पानी में (नदी में) बहा दे।

पौष मास :
पौष हिन्दू धर्म का दसवाँ महीना है। इस वर्ष 20 दिसम्बर 2021 (उत्तर भारत हिन्दू पंचांग के अनुसार) से पौष का आरम्भ हो गया है। पौष मास की पूर्णिमा को अधिकांशतः चंद्र पुष्य नक्षत्र में होते हैं। तैत्तिरीय संहिता में पौष का नाम सहस्य बताया गया है। यह मास दक्षिणायनांत है। पौष मास में अधिकांशतः सूर्य धनु राशि में होते हैं। पौष मास को खर मास बहुत से लोग मानते हैं और इसमें कोई शुभ कार्य नहीं करते विशेषतः जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश कर जाएँ।

महाभारत अनुशासन पर्व :
*अध्याय 106 के अनुसार “पौषमासं तु कौन्तेय भक्तेनैकेन यः क्षिपेत्। सुभगो दर्शनीयश्च यशोभागी च जायते।।” जो पौष मास को एक वक्त भोजन करके बिताता है वह सौभाग्यशाली, दर्शनीय और यश का भागी होता है।
*शिवपुराण के अनुसार पौषमास में पूरे महिनेभर जितेन्द्रिय और निराहार रहकर द्विज प्रात:कालसे मध्यांन्ह कालतक वेदमाता गायत्रीका जप करें। तत्पश्चात रात को सोने के समय तक पंचाक्षर आदि मन्त्रों का जप करें। ऐसा करनेवाला ब्राह्मण ज्ञान पाकर शरीर छूटने के बाद मोक्ष प्राप्त कर लेता हैं।
*पौषमास में शतभिषा नक्षत्र के आने पर गणेश जी की पूजा करनी चाहिए।

*महाभारत अनुशासन पर्व में ब्रह्मा जी कहते हैं :
पौषमासस्य शुक्ले वै यदा युज्येत रोहिणी। तेन नक्षत्रयोगेन आकाशशयनो भवेत्॥
एकवस्त्रः शुचिः स्नातः श्रद्दधानः समाहितः। सोमस्य रश्मयः पीत्वा महायज्ञफलं लभेत्॥
*पौषमास के शुक्ल पक्ष में जिस दिन रोहिणी नक्षत्र का योग हो, उस दिन की रात में मनुष्य स्नान आदि से शुद्ध हो एक वस्त्र धारण करके श्रद्धा और एकाग्रता के साथ खुले मैदान में आकाश के नीचे शयन करे और चन्द्रमा की किरणों का ही पान करता रहे । ऐसा करने से उसको महान यज्ञ का फल मिलता है।

*ब्रह्मवैवर्तपुराण, प्रकृतिखण्ड के अनुसार चैत्र, पौष तथा भाद्रपद मास के पवित्र मंगलवार को भगवान विष्णु ने भक्ति पूर्वक तीनों लोकों में लक्ष्मी पूजा का महोत्सव चालू किया। वर्ष के अन्त में पौष की संक्रान्ति के दिन मनु ने अपने प्रांगण में इनकी प्रतिमा का आवाहन करके इनकी पूजा की। तत्पश्चात तीनों लोकों में वह पूजा प्रचलित हो गयी।
*शिवपुराण के अनुसार धनु की संक्रांति से युक्त पौषमास में उष:काल में शिव आदि समस्त देवताओं का पूजन क्रमश: समस्त सिद्धियों की प्राप्ति करानेवाला होता है। पौषमास में नाना प्रकार के अन्नका नैवेद्य विशेष महत्त्व रखता हैं।

जोतिर्विद वास्तु दैवज्ञ
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री
9993874848

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