भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिकता का रंग, 8 फरवरी तक चलेगा महोत्सव – विशेष सेमिनार, नगर संकीर्तन और भजन-कीर्तन से गूंजा पूरा क्षेत्र
कोलकाता, 6 फरवरी 2026: कोलकाता के ऐतिहासिक बागबाज़ार सार्वजनिक दुर्गोत्सव प्रांगण में बुधवार से बहुप्रतीक्षित 12वां श्री चैतन्य जन्मोत्सव एवं मेला शुरू हो गया। गौड़ीय मिशन द्वारा आयोजित यह पाँच दिवसीय महोत्सव 8 फरवरी तक चलेगा। उत्सव के साथ ही पूरा बागबाज़ार क्षेत्र भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिकता के रंग में रंग गया है।
मुख्य आकर्षण
- विशेष राष्ट्रीय सेमिनार और सिम्पोज़ियम – देश के विभिन्न हिस्सों से आए वैष्णव दर्शन के विद्वान, संन्यासी और शोधकर्ता श्री चैतन्य महाप्रभु के जीवन, दर्शन और मानवतावादी विचारों पर अपने विचार रख रहे हैं।
- नगर संकीर्तन और भजन-कीर्तन – महोत्सव की शुरुआत विशेष पूजा, आरती और नगर संकीर्तन से हुई। कीर्तन की मधुर ध्वनियों से पूरा प्रांगण भक्तिरस में डूब गया।
- मेले का रंग – धार्मिक ग्रंथों, भक्ति-सामग्री और प्रसाद के कई स्टॉल लगे हैं। हर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक प्रवचन हो रहे हैं।
- उद्देश्य – श्री चैतन्य महाप्रभु के प्रेम, समानता और भक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना।
गौड़ीय मिशन के आचार्य एवं अध्यक्ष भक्ति सुंदर संन्यासी महाराज ने कहा: “आज के विभाजन और अशांति के समय में श्री चैतन्य के आदर्श समाज को एकता, करुणा और मानवता की राह दिखाते हैं। इसी भावना को ध्यान में रखकर इस वर्ष का आयोजन किया गया है।”

श्रद्धालुओं का मानना है कि यह जन्मोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और आध्यात्मिक जागरण का एक अनमोल अवसर है। सुबह से ही परिवार सहित बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।
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