- ‘पुनर्जागरण में पश्चिम बंगाल के मुसलमानों की भूमिका’ पर परिसंवाद और सम्मान समारोह
कोलकाता | कल्चर‑सोशल डेस्क | 18 दिसंबर 2025 : सांस्कृतिक और सामाजिक संस्था ‘इदारा महफिल-ए-खुशरंग’ की ओर से वर्ष 2025 के पुरस्कार एक समारोह में प्रदान किये गये। हावड़ा के टिकियापाड़ा में कल्पना चावला ऑडिटोरिम में संस्था के 13 वें वार्षिक आयोजन में एक दर्जन विभूतियों को साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए यह पुरस्कार दिये गये।
🏅 सम्मानित विभूतियों की सूची
समारोह में निम्नलिखित व्यक्तित्वों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया—
- डॉ. अभिज्ञात — डॉ. हरिवंश राय बच्चन अवार्ड
- नुसरत जहां — सलमा सुल्ताना अवार्ड
- एस.एम. आरज़ू — मुजफ्फर हन्फी अवार्ड
- आमिर अहमद खान — अल्कामा शिबली अवार्ड
- मोहम्मद वाजिद (पत्रकार) — अहमद सईद अहमदाबादी अवार्ड
- अरशद नियाज — मुंशी प्रेमचंद अवार्ड
- इम्तियाज कैसर — कैसर शमीम अवार्ड
- सहर मजीदी — हाजिक अंसारी अवार्ड
- डॉ. अली अकबर — मदर टेरेसा अवार्ड
- गोपाल सेनापति — मौलाना अबुल कलाम आजाद अवार्ड
- ख्वाजा अहमद हुसैन — गौहर गाजीपुरी अवार्ड
- जाहिद अहमद — सालिक लखनऊ अवार्ड
इन सभी विभूतियों को साहित्य, शिक्षा, समाज सेवा और सांस्कृतिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

🎤 समारोह का उद्घाटन और संबोधन
कार्यक्रम का उद्घाटन इस्माइल परवाज ने किया। संस्था के अध्यक्ष हलीम साबरी, महासचिव मोहम्मद अफजल खान, और विशेष अतिथि समाजसेवी हफिजुर रहमान ने समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन ताहिर बेग देहलवी ने किया।
🧭 परिसंवाद: ‘पुनर्जागरण में पश्चिम बंगाल के मुसलमानों की भूमिका’
समारोह के एक अन्य सत्र में इस महत्वपूर्ण विषय पर परिसंवाद आयोजित किया गया, जिसमें—
- सामाजिक परिवर्तन
- सांस्कृतिक पुनर्जागरण
- और बंगाल के मुस्लिम समुदाय की ऐतिहासिक भूमिका पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।
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