कोलकाता। पश्चिम बंगाल में शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार राज्य के तत्कालीन शिक्षा मंत्री और वर्तमान में उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी के बॉडीगार्ड के परिवार के सदस्यों को भी गैरकानूनी तरीके से नौकरी दी गई है। कलकत्ता हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान इस बात के साक्ष्य रखे गए जिसके बाद कोर्ट ने उन सभी लोगों को पार्टी बनाने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति अभिजीत गांगुली की एकल पीठ ने यह आदेश दिया है। अधिवक्ता सुदीप्त दासगुप्ता ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पक्ष रखते हुए कहा कि पार्थ चटर्जी के बॉडीगार्ड है विश्वंभर मंडल।

उनका घर पूर्व मेदिनीपुर में है हालांकि वह फिलहाल कोलकाता में रहते हैं। जब पार्थ चटर्जी शिक्षा मंत्री थे तब विश्वंभर की पत्नी रीना, दो भाइयों, ममेरे भाइयों और बहनों मां, ममेरे दमाद, साला, साली और पड़ोसी को प्राथमिक स्कूल में शिक्षक की नौकरी मिली है। एक ही परिवार से इतने लोगों को नौकरी मिलने के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं। अब उन्हें पार्टी बनाया गया है। सीबीआई की टीम इनसे भी पूछताछ कर सकती है।

गौरतलब है कि शनिवार सुबह पार्थ की क़रीबी रहीं अर्पिता मुखर्जी के आवास से 21 करोड़ से ज़्यादा की नक़दी, लाखों के आभूषण और विदेशी मुद्रा बरामद होने के बाद इस घोटाले की जाँच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया था। पार्थ को शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि चटर्जी को प्रवर्तन निदेशालय के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित कार्यालय लाया गया।

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